जम्मू, राज्य ब्यूरो : कारगिल के जंस्कार में बौद्ध युवती का निकाह मुस्लिम युवक से कराने के मामले में अब लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन (एलबीए) भी खुलकर सामने आ गया है। इस संबंध में संगठन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को लद्दाख पुलिस के एडीजी एसएस खंडारे से लेह में मुलाकात कर अपना पक्ष रखा है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा है कि लव जिहाद के मामले को लेकर अभी भी तनाव है। इसलिए युवती को जंस्कार लाकर उसके माता-पिता से बात करवाई जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट की जा सके। वर्तमान में युवक और युवती कारगिल में पुलिस की हिरासत में हैं।

लद्दाख के एडीजीपी के साथ प्रतिनिधिमंडल की बैठक में युवती को जंस्कार लाने के साथ क्षेत्र में मतांतरण रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। जंस्कार की रहने वाली बौद्ध युवती के साथ गत 20 नवंबर को पदम इलाके के रहने वाले मुस्लिम युवक ने निकाह कर लिया था। युवती के परिवार का आरोप है कि उसकी बेटी को अगवा कर जबरन शादी की गई है। ऐसे में उनकी बेटी को परिवार वालों को सौंपा जाए। इस मुद्दे पर एलबीए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष छीरिंग दोरजे ने बताया कि जंस्कार में बहुत तनाव है। उन्होंने एडीजीपी से मांग की है कि युवती को जंस्कार लाया जाए और उसे उसके परिवार के लोगों से मिलाया जाए। लद्दाख में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए लव जिहाद के मामलों को रोकना बहुत जरूरी है। पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे क्षेत्र में दो समुदायों के बीच गलत संदेश जाता है। सांप्रदायिक सौहार्द बना रहना चाहिए। इस मामले में युवती के स्वजन ने एफआइआर भी दर्ज कराई है।

दोरजे ने कहा कि एडीजीपी का रवैया सकारात्मक रहा है। उन्होंने उचित कार्रवाई करने का विश्वास दिलाया है। गौरतलब है कि गत दिनों इस मुद्दे के तूल पकड़ने के बाद लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन ने उपराज्यपाल आरके माथुर को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि लद्दाख में सुनियोजित साजिश के तहत बौद्ध युवतियों को बरगलाकर मुस्लिम युवा उन्हें लव जिहाद में फंसा रहे हैं। 

Edited By: Vikas Abrol