जम्मू, राज्य ब्यूरो: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि यात्रियों के लिए सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए सभी हितधारकों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। उपराज्यपाल ने शुक्रवार को परिवहन विभाग में सात आनलाइन सेवाओं को शुरू किया है। साथ ही 19 लर्नर लाइसेंस सेंटर का ई-उद्घाटन भी किया है। यह सेंटर प्रदेश के पालीटेक्निक और आइटीआइ में बनाए गए हैं। उपराज्यपाल ने यह सेवाएं राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के समापन समारोह पर शुरू की हैं। जम्मू-कश्मीर परिवहन सब्सिडी योजना के तहत खरीदी गई बसों को भी उपराज्यपाल ने हरी झंडी दिखाई।

उपराज्यपाल ने कहा कि लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे एक गंभीर मुद्दा है। सरकार लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। सड़क सुरक्षा महीना भी इसी का एक भाग है। उन्होंने परिवहन विभाग से कहा कि वह प्रदेश स्तर पर सड़क सुरक्षा पर स्लोगन लिखने की प्रतियोगिता आयोजित करे। सुरक्षित ड्राइविंग पर भी हर महीने कार्यक्रम किए जाएं।

जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम के लिए ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के साथ-साथ सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषण करने के लिए एक व्यवस्था बनाई जाए। इसी के आधार पर सड़कों की डिजाइनिंग होनी चाहिए। इसमें सभी हितधारकों को शामिल करना चाहिए। अगर किसी भी प्रकार के बदलाव की जरूरत है तो इंजीनियरों के सुझाव इसमें शामिल करना चाहिए।

उपराज्यपाल ने कहा कि सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों से नौ फीसद टैक्स हटा दिया है। यह पर्यावरण संरक्षण के लिए एक बड़ा कदम है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा भी मिलेगा। दिव्यांगों के लिए ट्राइसाइकिल पर रोड टैक्स हटा दिया गया है। तीन हजार सीसी क्षमता तक के ट्रैक्टर पर रोड टैक्स भी नहीं रहा है। परिवहन क्षेत्र में नए युग की शुरुआत हुई है। कुछ दिन पहले ही 12 आनलाइन सेवाएं शुरू की गई थी। उपराज्यपाल ने कहा कि सरकार 15 साल पुरानी बसों को हटाने पर पांच लाख रुपयों तक की सब्सिडी पहले से ही दे रही है। अभी तक इस वर्ष 35 बसों को 1.75 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अब्दुल गनी मीर ने सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नई तकनीकों पर जोर दिया। समारोह के दौरान डोगरी कलाकार रूमालो राम ने सड़क सुरक्षा, जीवन सुरक्षा पर लोक गीत और नृत्य के माध्यम से सभी को संदेश दिया। जीजीएम साइंस कॉलेज के विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा पर स्किट पेश किया। इस मौके पर मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रहमण्यम, उपराज्यपाल के प्रमुख सचिव डा. असगर सेमून मौजूद थे।

ये सेवाएं आनलाइन हुईं: आनलाइन की गई सेवाओं में गुड कैरिज परमिट जारी करना, अस्थायी परमिट जारी करना, हाइपोथेकेयान टर्मिनेशन, हाइपाथेकेशन एडिशन, ड्राइविंग स्कूल लाइसेंस जारी करना, ड्राइविंग स्कूल लाइसेंस का पुनर्पंजीयन करना, प्रदूषण जांच केंद्रों का पंजीकरण शामिल है।

जम्मू में 17 करोड़ से सुधरेगा ड्राइविंग कौशल: उपराज्यपाल ने कहा कि परिवहन क्षेत्र में सुधारों पर काम करने के अलावा ईज आफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दिया जा रहा है। जम्मू में 17 करोड़ रुपये की लागत से ड्राइविंग, प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान बनाया जाएगा। इससे ड्राइविंग कौशल में सुधार होगा। बिना किसी मैनुअल हस्तक्षेप के वाहनों की स्वचालित फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए सांबा में 14 करोड़ रुपये का एक निरीक्षण और प्रमाणन केंद्र बनाया जाएगा। यहां पर गाडिय़ों की जांच आटोमेटिक तरीके से होगी, जिसमें कोई छेड़छाड़ की गुंजाइश नहीं होगी।