'वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, जिम्मेदारी है,' LG मनोज सिन्हा का नए पुलिस अधिकारियों को कड़ा व भावुक संदेश
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के नवनियुक्त अधिकारियों से वर्दी की गरिमा ईमानदारी, साहस और संवेदनशीलता से बनाए रखने का आह्वान किया।

नवनियुक्त पुलिस अधिकारियों को LG का भावुक संदेश।
HighLights
वर्दी की गरिमा ईमानदारी, साहस और संवेदनशीलता से कायम रखें
पुलिस की वर्दी नागरिक सुरक्षा, न्याय और सम्मान की जिम्मेदारी है
नई चुनौतियों जैसे साइबर अपराध, कट्टरपंथ से निपटने को तैयार रहें
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस की राजपत्रित सेवाओं में नव नियुक्त अधिकारियों से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि हर नागरिक की सुरक्षा, न्याय और सम्मान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, साहस, विनम्रता और मानवीय संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
लोक भवन, श्रीनगर में शुक्रवार को नवनियुक्त अधिकारियों को नियुक्ति आदेश सौंपने के अवसर पर सिन्हा ने कहा कि यह नियुक्ति केवल करियर की शुरुआत नहीं, बल्कि ऐसे मिशन में प्रवेश है, जिसमें समर्पण, अनुशासन और त्याग की आवश्यकता होती है।
उन्होंने चयनित अधिकारियों के साथ उनके माता-पिता और परिवारों को भी बधाई दी और कहा कि पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से उनका चयन उनकी मेहनत, प्रतिभा और योग्यता का प्रमाण है।
अधिकारों का इस्तेमाल न्याय के लिए करने को कहा
उपराज्यपाल ने कहा कि पुलिस की वर्दी का सम्मान उसे पहनने वाले अधिकारियों के आचरण और सत्यनिष्ठा से कायम होता है। उन्होंने अधिकारियों से अपनी अंतरात्मा और मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा अपने अधिकारों का इस्तेमाल न्याय के लिए करने का आह्वान किया।
सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का सुरक्षा परिदृश्य लगातार बदल रहा है और पुलिस के सामने अब पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों के साथ वर्चुअल स्पेस, कट्टरपंथ, आतंक की फंडिंग, क्रिप्टोकरेंसी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी नई चुनौतियां भी हैं।
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ऐसे में आतंकवादियों और आतंकी संगठनों से निपटने के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की अहम जिम्मेदारी है।
कमजोर वर्गों की सुरक्षा और न्याय के लिए होना चाहिए इस्तेमाल
उन्होंने विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि वर्दी के साथ मिलने वाले अधिकार को करुणा और मानवीय संवेदनशीलता के साथ संतुलित किया जाना चाहिए।
पुलिस और जनता के बीच विश्वास को कानून के शासन की बुनियाद बताते हुए उन्होंने अधिकारियों से समुदाय की भागीदारी और जनविश्वास को मजबूत करने का आह्वान किया।
उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को विकसित केंद्रशासित प्रदेश बनाने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सुरक्षा, कानून का शासन और जनता का विश्वास मजबूत रहना जरूरी है।
उन्होंने विश्वास जताया कि नए अधिकारी जम्मू-कश्मीर पुलिस की गौरवशाली परंपराओं और मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए शांति, सुरक्षा और जनविश्वास को मजबूत करने में योगदान देंगे।
परिवार वालों को भी दी LG ने बधाई
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने भी नव नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि नियुक्ति का दिन उनके और उनके परिवारों के लिए खुशी का अवसर है, लेकिन इसके साथ एक बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत भी होती है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी पहनना आसान जिम्मेदारी नहीं है और अधिकारियों को ईमानदारी, निष्ठा और देशभक्ति के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा।
प्रभात ने कहा कि सेवा के दौरान अधिकारियों को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा और कई परिस्थितियों में उनके जीवन को भी जोखिम हो सकता है।
उन्होंने बताया कि शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी, उधमपुर में होने वाला प्रशिक्षण उन्हें इन चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करेगा। उन्होंने अधिकारियों को उनके नए सेवा-जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
