जम्मू, राहुल शर्मा। केंद्र शासित प्रदेश (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) 31 अक्टूबर से औपचारिक रूप से अस्तित्व में आ जाएंगे। इसी दिन व्यय सचिव गिरीश चंद्र मुर्मू जम्मू-कश्मीर के पहले उपराज्यपाल (एलजी) और पूर्व रक्षा सचिव राधा कृष्ण माथुर लद्दाख के पहले एलजी के तौर पर पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। यही नहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रशासनिक अधिकारियों को समारोह में उपस्थित रहने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। मुर्मू श्रीनगर राजभवन जबकि माथुर लद्दाख में शपथ लेंगे।

श्रीनगर में दरबार बंद कर दिया गया है। 4 नवंबर को सचिवालय कर्मचारी जम्मू में अपना कामकाज शुरू कर देगा परंतु सात विभागों के कुछ अधिकारियों को फिलहाल पहली नवंबर तक श्रीनगर में भी कामकाज सुचारू रूप से जारी रखने के निर्देश दिए गए हैंँ। केंद्रीय गृह मंत्रलय ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक को अब गोवा के राज्यपाल के तौर पर नियुक्त किया है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले एलजी बनने जा रहे गिरीश चंद्र मुर्मू और लद्दाख के एलजी राधा कृष्ण माथुर 30 अक्टूबर को यहां पहुंच जाएंगे। सबसे पहले सुबह 7.45 बजे माथुर लद्दाख में एलजी पद की शपथ लेंगे। उसके बाद सुबह 11.45 बजे ही जम्मू-कश्मीर के एलजी मुर्मू श्रीनगर राजभवन में शपथ लेंगे।

दोनों एलजी को शपथ चीफ जस्टिस जम्मू-कश्मीर गीता मित्तल दिलाएंगी। हालांकि इस अवसर पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक मौजूद होंगे या नहीं इस पर संशय बना हुआ है। पर जम्मू-कश्मीर प्रबंधन ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को इस दौरान श्रीनगर में मौजूद रहने के पहले से ही स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं।

सनद रहे कि पांच अगस्त को मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को हटा दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में विभाजित कर दिया था। 

Posted By: Rahul Sharma

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