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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Srinagar Encounter : सतपाल निश्चल और एडवोकेट बाबर कादरी की हत्या को अंजाम दिया था साकिब ने

By Rahul SharmaEdited By:
Published: Tue, 24 Aug 2021 09:44 AM (IST)

Militancy In Kashmir 25 मार्च 2021 को साकिब ने लावेपारा में अन्य आतंकियों संग मिलकर सीआरपीएफ के 73वी वाहिनी की ...और पढ़ें

16 मार्च को उसने ग्रामीण बैंक शाखा मुजगुंड श्रीनगर से 350000/- रुपये नकदी लूटी।
16 मार्च को उसने ग्रामीण बैंक शाखा मुजगुंड श्रीनगर से 350000/- रुपये नकदी लूटी।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : अनुच्छेद 370 हटने के बाद डोमिसाइल बनवाने वाले स्वर्णनकार सतपाल निश्चल को 31 दिसंबर 2020 को उसकी दुकान पर साकिब मंजूर ने ही माैत के घाट उतारा था। इससे पूर्व उसने ही एडवोकेट बाबर कादरी को 24 सितंबर 2020 का उसके घर में मौत की नींद सुलाया था। वह अपने कैडर और मुखबिरों से डोमिसाइल बनवाने वाले बाहरी लोगों के अलावा भाजपा और मुख्यधारा से जुड़े लोगों का पता लगान के लिए कहता था। फिर मौका पाकर उनकी हत्या करने खुद पहुंच जाता या फिर अपने साथी आतंकियों को वारदात का जिम्मा सौंपता था।

आतंकवाद की राह पर उसकी जिंदगी करीब एक साल ही रही। आतंकी बनने से पहले वह श्रीनगर के बागात बरजुला और उसके साथ सटे इलाकों में सक्रिय रहे कुख्यात पत्थरबाजों में वह शुमार था। साकिब मंजूर की आतंकी गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि उसने ही ओमपोरा बडगाम में नौ अगस्त 2020 को भाजपा कार्यकर्ता अब्दुल हमीद नज़ार की हत्या की थी। बिलाल कॉलोनी सौरा श्रीनगर निवासी नदीफ अहमद को पहली दिंसबर 2020 को मौत के घाट उतारने के बाद छह दिसंबर 2020 को उसने अपने साथियों संग साजगरीपोरा हवल श्रीनगर में पुलिस नाका पार्टी पर हमला किया था।

इस हमले में एक पुलिसकर्मी गंभीर रुप से जख्मी हो गया था। सराईबाला श्रीनगर में स्वर्णकार सतपाल निश्चल की हत्या के बाद लगभग वह एक माह तक शांत रहा और उसके बाद छह फरवरी 2021 को उसने छन्नपोरा में सीआरपीएफ की 29 वाहिनी के जवानों पर हमला किया। इस हमले में दो जवान जख्मी हो गए थे। इसके 13 दिन बाद 19 फरवरी को उसने बागात चौक में शिव शक्ति मिठाई की दुकान पर दो पुलिसकर्मियों को दिन दहाड़ेे गोली मार शहीद कर दिया। पांच मार्च को उसने पुलिस पोस्ट उर्दू बाजार श्रीनगर पर अपने ग्रेेनेड से हमला किया। 16 मार्च को उसने ग्रामीण बैंक शाखा मुजगुंड श्रीनगर से 350000/- रुपये नकदी लूटी।

25 मार्च 2021 को उसने लावेपारा में अन्य आतंकियों संग मिलकर सीआरपीएफ के 73वी वाहिनी की आरओपी पर हमला किया। इस हमले में तीन जवान शहीद हुए थे। आतंकी एक शहीद जवान की एसाल्ट राइफल भी अपने साथ ले गए थे। लावेेपोरा में हमले के करीब छह दिन बाद पहली मार्च को उसने अपने साथियों संग श्रीनगर के अरीबाग नौगाम में भाजपा नेता मोहम्मद अनवर खान के घर पर हमला किया था। इस हमले में पुलिस कांस्टेबल रमीज राजा इटू निवासी खुशीपोरा डुरु अनंतनाग शहीद हो गया था। सात अप्रैल 2021 के उसने श्रीनगर के नवाबाजार इलाके में पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त नाका पार्टी पर ग्रेनेड से हमला किया। इस हमले में सीआरपीएफ के पांच, पुलिस का एक जवान और एक नागरिक जख्मी हुए थे।

साकिब ने 17 जून को श्रीनगर के सैदपोरा ईदगाह में पुलिसकर्मीजावेद अहमद काम्बे को शहीद किया। इसके पांच दिन बाद 22 जून को साकिब और उसके साथियों ने नौगाम श्रीनगर के मेंगनवारी इलाके नमाज अदा करने जा रहे पुलिस इंस्पेक्टर परवेज अहमद डार को मस्जिद के बाहर शहीद कर दिया। उसके अगले दिन 23 जून कोे हब्बाकदल में उसने उमर नजीर बट नामक एक दुकानदार की सुरक्षाबलों का मुखबिर होने के संदेह में हत्या कर दी। तीन दिन बाद 26 जून को उसने हब्बाकदल के बरबरशाह इलाके में पर ग्रेनेड से हमला किया। इस हमले में एक नागरिक मारा गया ओर तीन अन्य जख्मी हो गए। 20 जुलई को उसने अपने साथियों के साथ श्रीनगर के सैदा कदल इलाके में पुलिस वाहन पर हमला किया। सोमवार को साकिब को साथी अब्बास के साथ एसओजी मुख्यालय श्रीनगर से करीब 200 मीटर दूरी पर मुठभेड़ में मार गिराया।  

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