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लद्दाख में बनी दुनिया की सबसे ऊंची 'फूलों की वादी', 25 लाख फूलों से महके चोगलमसर और स्टाकना

Published: Fri, 18 Sep 2026 10:02 AM (IST)

लद्दाख के चोगलमसर और स्टाकना में 40 एकड़ में फैले दो नए फूलों के पार्क का उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ...और पढ़ें

चोगलमसर और स्टाकना में बने दुनिया के सबसे ऊंचे फ्लावर पार्क।

चोगलमसर और स्टाकना में बने दुनिया के सबसे ऊंचे फ्लावर पार्क।

HighLights

  1. उपराज्यपाल सक्सेना ने लद्दाख में दो फूलों के पार्क खोले

  2. चोगलमसर और स्टाकना में 25 लाख से अधिक फूल लगाए गए

  3. यह परियोजना पर्यटन और किसानों की आय बढ़ाएगी

राज्य ब्यूरो, जम्मू। अब लेह-लद्दाख घूमने जाने वालों के लिए एक अच्छी खबर है कि उन्हें वहां पर फूलों की वादियों के दीदार होंगे। जी हां, लेह के चोगलमसर और स्टाकना में चालीस एकड़ में खिले फूल स्थानीय लोगों के साथ देश-विदेशों के पर्यटकों को लद्दाख आने के लिए आकर्षिक कर रहे हैं।

लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने वीरवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सेवा दिवस के तहत दुनिया के सबसे ऊंचाई पर स्थित उक्त दो पार्कों का लोकार्पण किया।

इन दो फ्लावर फील्ड्स में 25 लाख से अधिक उच्च मूल्य वाले फूल लगाए गए हैं। जिसमें लगभग 24 लाख लिलियम (लिली) व एक लाख ग्लैडियोलस के फूल शामिल हैं।

दो महीने में बनकर तैयार हुए पार्क

करीब साढ़े ग्यारह हजार फीट की ऊंचाई पर इन फूलों के खेतों को दो माह के रिकार्ड समय में विकसित किया गया है। फूलों के ये बाग लद्दाख में पर्यटकों के साथ फिल्म इंडस्ट्री को भी आकर्षित करेंगे।

इस परियोजना का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ कृषि विविधीकरण के माध्यम से अतिरिक्त और बेहतर आय के अवसर उपलब्ध कराना है। उपराज्यपाल ने कहा कि फूलों के ये खेत लद्दाख के प्रगतिशील किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम करेंगे।

यहां आधुनिक तकनीक व पारंपरिक कृषि पद्धतियों में समन्वय से किसानों व युवाओं को फूलों की खेती में लाभ व नए उद्यम शुरू करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

फ्लोरीकल्चर को कृषि आय के नए स्रोत के रूप में विकसित करने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस परियोजना के जरिए स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ आर्थिक विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बीच संतुलन कायम करने का प्रयास किया गया है।

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