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लद्दाख के मुद्दों पर नहीं बन पाई बात, MHA का प्रस्ताव खारिज; अब 22 अक्टूबर को दिल्ली में होगी अहम बैठक

Published: Fri, 16 Oct 2026 07:20 AM (IST)

लद्दाख की मांगों पर गृह मंत्रालय और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच लेह में हुई बैठक बेनतीजा रही। दोनों पक्षों के ...और पढ़ें

लद्दाख को लेकर गृह मंत्रालय की बैठक बेनतीजा।

लद्दाख को लेकर गृह मंत्रालय की बैठक बेनतीजा।

HighLights

  1. लद्दाख मांगों पर गृह मंत्रालय की बैठक बेनतीजा रही

  2. प्रतिनिधियों ने MHA के प्रस्ताव पर असंतोष व्यक्त किया

  3. अगली अहम बैठक 22 अक्टूबर को दिल्ली में होगी

राज्य ब्यूरो, जम्मू। लद्दाख की मांगों को लेकर लेह में गुरुवार को एपेक्स बाडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ बैठक हुई।

दोनों पक्षों के प्रस्तावों में काफी अंतर होने के कारण किसी सहमति पर नहीं पहुंचा जा सका। बैठक में गृह मंत्रालय ने पावर प्वाइंट के माध्यम से अपना मसौदा प्रस्ताव पेश किया।

 एपेक्स बॉडी ने मांगों का मसौदा सरकार को सौंपा

वहीं, एपेक्स बाडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के प्रतिनिधिमंडल ने भी अपनी मांगों से संबंधित मसौदा प्रस्ताव सरकार को सौंपा। बैठक के बाद नेताओं ने कहा कि दोनों प्रस्तावों के बीच महत्वपूर्ण अंतर है और फिलहाल किसी भी मुद्दे पर आम सहमति नहीं बन पाई है। हालांकि, दोनों पक्षों ने जल्द ही बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है।

दिल्ली में होगी अगली बैठक

इस सिलसिले में अगली बैठक 22 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित की जाएगी, जिसमें दोनों प्रस्तावों पर आगे चर्चा कर सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा। एपेक्स बाडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के नेताओं ने गृह मंत्रालय की प्रस्तुति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की ओर से पेश किया गया प्रस्ताव लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं और मांगों के अनुरूप नहीं है।

सभी की नजर अगली बैठक पर टिकी

नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक सुरक्षा उपायों से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि लद्दाख के लोगों की मांगों में विधायी, कार्यकारी और वित्तीय शक्तियां प्रमुख हैं और इन अधिकारों को संवैधानिक गारंटी मिलना आवश्यक है।

लद्दाख के लोगों की मांगों को संवैधानिक रूप से सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक किसी भी अंतिम निर्णय पर पहुंचना संभव नहीं होगा। अब सभी की निगाहें 22 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाली अगली बैठक पर टिकी हैं।

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