श्रीनगर, जेएनएन। लद्दाख के पूर्व सांसद पी नामग्याल की मौत कोरोना से हुई है, इस बात की पुष्टि होने पर लद्दाख प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सांसद की मृत्यु के बाद सभी तरह की अंतिम रस्मे पूरी होने के बाद जब प्रशासन के सामने यह बात सामने आई तो उन्होंने फौरन दिवंगत के परिजनों, उनके रिश्तेदारों को क्वारंटाइन कर दिया। यही नहीं लेह जिला आयुक्त ने सार्वजनिक सूचना जारी करते हुए उन लोगों को होम क्वारंटाइन की हिदायत दी, जो पूर्व सांसद के अंतिम संस्कार या फिर उनके परिजनों के संपर्क में आए थे।

प्रशासन के आदेश का सख्ती से पालन करवाने के लिए जिले में एसओपी भी जारी किया गया है। यही नहीं लेह पुलिस, स्वास्थ्य विभाग व अन्य अधिकारियों से नजर रखने को भी कहा गया है। लद्दाख से तीन बार कांग्रेस के सांसद रहे वरिष्ठ नेता पी नामग्याल का गत सोमवार को निधन हो गया था। ऐसा बताया जा रहा है कि वह कुछ दिन पहले दिल्ली से लौटे थे, जिसके बाद वह बीमार हो गए। उनकी मृत्यु के बाद उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए। जब तक सैंपल की रिपोर्ट आई उस दौरान तक उनका अंतिम संस्कार हो चुका था। रिपोर्ट पॉजिटिव पाए जाने पर जिला प्रशासन ही नहीं उनके परिजन, रिश्तेदारों में हड़कंप मच गया।

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूर्व सांसद की पत्नी, उनकी बेटियों समेत घर में मौजूद उनके सगे संबंधितयों को क्वारंटाइन कर दिया। यही नहीं डीसी लेह ने उन लोगों के लिए भी सर्कूलर जारी किया, जो पूर्व सांसद के अंतिम संस्कार या फिर उनके परिजनों के संपर्क में आए थे। उन्हें कुछ दिन तक अपने घरों में ही क्वारंटाइन रहने की हिदायत के साथ, कहा गया कि यदि किसी को स्वास्थ्य संबंधी कोई भी परेशानी आती है तो वह तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभाग को भी सचेत कर दिया गया है।

सनद रहे कि 83 वर्षीय पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व दो बार एमएलसी रहे पी नामग्याल पहली बार साल 1980 में लद्दाख से सांसद चुने गए। उसके बाद साल 1984 में फिर से सांसद बने। साल 1996 में वह तीसरी बार सांसद बने। वह कांग्रेस के महासचिव के अलावा अन्य पदों पर रहे। नामग्याल दो बार केंद्र में राज्यमंत्री भी रहे।

लद्दाख में कोरोना वायरस के कारण हुई यह पहली मौत है। उनकी मौत के बाद कोरोना जांच के सैंपल लिए गए थे। वह लेह के एसएनएम अस्पताल में भर्ती थे। लद्दाख में पिछले एक सप्ताह से कोरोना के मामले आना फिर शुरू हुए हैं। इसके पहले लद्दाख क्षेत्र पूरी तरह से कोरोना मुक्त हो चुका था।

 

Posted By: Rahul Sharma

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