जम्मू, राज्य ब्यूरो : अस्पताल को स्वच्छ रखने और बेहतर सुविधाओं के लिए ऊधमपुर जिला अस्पताल को वर्ष 2020-21 के कायाकल्प अवार्ड में पहला स्थान मिला है। इस उपलब्धि पर अस्पताल को 50 लाख का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, जिला अस्पताल रियासी को प्रशस्ति पुरस्कार के रूप में तीन लाख रुपये दिए गए हैं।

जम्मू कश्मीर मेें कायाकल्प 2020-21 अवार्ड के विजेताओं के नाम घोषित कर दिए हैं। इनकी घोषणा जम्मू कश्मीर नेशनल हेल्थ मिशन के मिशन निदेशक यासिन चौधरी ने की है। यह पुरस्कार अस्पतालों की विभिन्न श्रेणियों में दिए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के वर्ग में सीएचसी कटड़ा को प्रथम पुरस्कार मिला है। सीएचसी पट्टन बारामुला को दूसरा पुरस्कार मिला। पहले पुरस्कार में 15 लाख रुपये और दूसरे में 10 लाख रुपये दिए गए। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल ढुल्लु और यासिन चौधरी ने पुरस्कार जीतने वाले सभी अस्पताल प्रबंधन के अलावा स्वास्थ्य निदेशक जम्मू और कश्मीर की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी के प्रयासों के कारण ही संभव हो पाया है।

सीएचसी वर्ग में इन्हें मिला प्रशस्ति पुरस्कार

सीएचसी वर्ग में एक लाख रुपये का प्रशस्ति पुरस्कार बारामुला जिले के सीएचसी उड़ी, सीएचसी कुपवाड़ा, सीएचसी सोपोर, अनंतनाग जिले के सीएचसी डूरू, सीएचसी शंगस, पुलवामा जिले के सीएचसी पांपोर, सांबा के सीएचसी रामगढ़, ऊधमपुर के सीएचसी रामनगर, सीएचसी चिनैनी और राजौरी के सीएचसी सुंदरबनी को मिला है।

पीएचसी वर्ग में ये पुरस्कृत

प्राथमिक चिकित्सा केंद्र (पीएचसी) और शहरी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र (यूपीएचसी) के वर्ग में प्रत्येक को दो लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया है। इनमें अनंतनाग जिले के पीएचसी अच्छाबल, बारामुला जिले के पीएचसी शीरी, पुलवामा जिले के पीएचसी काकापोरा, शोपियां जिले के पीएचसी सेडो शोपियां, पीएचसी बुद्धि कठुआ, पीएचसी रनसू रियासी, पीएचसी सुंब सांबा, पीएचसी टिकरी ऊधमपुर, यूपीएचसी निशात श्रीनगर, यूपीएचसी ओल्ड टाउन बारामुला, यूपीएचसी शास्त्री नगर जम्मू और यूपीएचसी कृष्णा कालोनी कठुआ शामिल हैं। इस अवार्ड का मकसद अस्पतालों व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में स्वच्छता के अलावा संक्रमण को कम करना है।

कायाकल्प अवार्ड के लिए समितियों का गठन किया गया था। ये समितियां अस्पतालों में जाकर सुविधाओं का जायजा लेती हैं। जिन स्वास्थ्य केंद्रों को आंतरिक मूल्यांकन में 70 फीसद से अधिक अंक मिलते हैं, उनका निरीक्षण पड़ोसी जिले की टीम करती है।  

Edited By: Rahul Sharma