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जम्मू-कश्मीर में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना होगा आसान, दूरदराज में खुलेंगे ट्रेनिंग सेंटर; परिवहन मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

Published: Thu, 05 Nov 2026 11:14 AM (IST)

जम्मू-कश्मीर में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए कवायद तेज हो गई है। दूरदराज क्षेत्रों में ड्राइविंग ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में दूरदराज क्षेत्रों में खुलेंगे ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर।

जम्मू-कश्मीर में दूरदराज क्षेत्रों में खुलेंगे ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर।

HighLights

  1. दूरदराज इलाकों में खुलेंगे आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर।

  2. लाइसेंस वितरण प्रक्रिया होगी तेज और ऑनलाइन सेवाएं सरल।

  3. सड़क हादसों पर अंकुश लगाने सख्त होगी कार्रवाई।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में वाहनों की बढ़ती संख्या और सड़क दुर्घटनाओं की चुनौती के बीच परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की कवायद तेज हो गई है। परिवहन मंत्री जावेद अहमद राणा ने दूरदराज क्षेत्रों में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोलने, ड्राइविंग लाइसेंस की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने, आनलाइन सेवाओं को सरल बनाने और यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश में अब तक 27.24 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। वहीं, 2026 में अब तक 5,071 सड़क हादसों में 904 लोगों की मौत हो चुकी है। राणा ने मंगलवार को जम्मू में परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

इस दौरान विभाग के कामकाज, परिचालन दक्षता और विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। मंत्री ने परिवहन ढांचे को मजबूत करने, नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कई निर्देश दिए।

दूरदराज क्षेत्रों में प्रशिक्षण केंद्र

मंत्री ने अधिकारियों से दूरदराज और पिछड़े इलाकों में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (डीटीसी) स्थापित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने को कहा। इससे स्थानीय लोगों को गुणवत्तापूर्ण ड्राइविंग प्रशिक्षण के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने लाइसेंस जारी करने और वितरण की प्रक्रिया तेज, सरल और परेशानी मुक्त बनाने के साथ लाइसेंस कार्ड की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

राणा ने कहा कि परिवहन विभाग को आधुनिक तकनीक से लैस, नागरिक केंद्रित संस्थान के रूप में विकसित करना जरूरी है। परिवहन से जुड़ी सेवाएं डिजिटल प्लेटफार्म पर आसानी से उपलब्ध कराने, प्रक्रियाएं सरल बनाने और सेवा वितरण में अनावश्यक देरी खत्म करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी दक्षता के साथ नागरिकों की सुविधा सर्वोपरि होनी चाहिए।

नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

सड़क हादसों के बढ़ते आंकड़ों पर चिंता जताते हुए मंत्री ने यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क उपयोगकर्ताओं की सभी श्रेणियों के लिए जागरूकता अभियान और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने को कहा।

चालकों की समय-समय पर मेडिकल जांच, वाहनों में लगे स्पीड गवर्नर की नियमित जांच और पुराने वाहनों के पंजीकरण का तय समय पर नवीनीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्नत निगरानी उपकरणों से फील्ड स्तर पर यातायात नियमों के पालन की प्रभावी निगरानी करने को कहा गया।

2026 में अब तक 5 हजार से ज्यादा हादसे

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, 2026 में अब तक जम्मू-कश्मीर में 5,071 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 904 लोगों की मौत हुई।

दुर्घटना संभावित 367 स्थानों की पहचान की गई है और वहां सुधार कार्यों के लिए 11.65 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। जिला सड़क सुरक्षा समितियों ने 1,433 सड़कों का आडिट किया है।

27.24 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत

मंत्री को बताया गया कि प्रदेश में अब तक 27.24 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। 2026 में विभाग ने 3.24 लाख लर्नर लाइसेंस और 96 हजार से अधिक नए ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए। चालू वित्त वर्ष में अक्टूबर 2026 तक विभाग ने 660.32 करोड़ का राजस्व अर्जित किया।

जम्मू के कोट भलवाल में इंस्टीट्यूट आफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च और सांबा में इंस्पेक्शन सर्टिफिकेटेशन सेंटर बनकर तैयार हैं। दोनों परियोजनाएं उद्घाटन के लिए तैयार हैं।

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