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अब कहीं भी खाना न डालें... जम्मू में आवारा कुत्तों के लिए 6 फीडिंग प्वाइंट्स; निगम ने लोगों से की ये अपील

Published: Sat, 10 Oct 2026 01:03 PM (GMT+05:30)

जम्मू नगर निगम ने आवारा कुत्तों के लिए छह प्रमुख स्थानों पर फीडिंग प्वाइंट शुरू किए हैं। यह पहल कुत्तों ...और पढ़ें

जम्मू में 55 हजार आवारा कुत्तों के लिए खास पहल ।(फोटो- इंटरनेट मीडिया)

जम्मू में 55 हजार आवारा कुत्तों के लिए खास पहल ।(फोटो- इंटरनेट मीडिया)

HighLights

  1. निगम ने सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों पर फीडिंग प्वाइंट शुरू किए।

  2. शुरुआती चरण में छह प्रमुख स्थानों पर व्यवस्था लागू की गई।

  3. मानव-श्वान संघर्ष कम करने और स्वच्छता बनाए रखने का लक्ष्य।

जागरण संवाददाता, जम्मू। शहर में आवारा कुत्तों की भूख और उससे जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में जम्मू नगर निगम ने एक संवेदनशील और अहम पहल शुरू की है। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए शहर के विभिन्न इलाकों में आवारा कुत्तों के लिए समर्पित फीडिंग प्वाइंट्स बनाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में टाउन हाल स्थित निगम कार्यालय परिसर में एक नए ड्राई फीडिंग प्वाइंट का उद्घाटन निवर्तमान नगर निगम आयुक्त डॉ. देवांश यादव ने किया।

शुरुआती चरण में जम्मू नगर निगम ने शहर के छह प्रमुख स्थानों पर यह व्यवस्था लागू की है। इनमें कच्ची छावनी, गांधीनगर में दो अलग-अलग स्थान, सैनिक कालोनी, रूपनगर और छन्नी हिम्मत शामिल हैं। इन सभी जगहों पर बेजुबानों के लिए सुरक्षित और तय स्थान बनाए गए हैं, ताकि वे भोजन के लिए सड़कों पर न भटकें।

डॉ. यादव ने इसे बेहतरीन कदम करार देते हुए लोगों को भी अपने दायित्व को समझने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोगों के सहयोग के बिना कोई अभियान पूरा नहीं हो सकता।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और उद्देश्य

सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के स्थानीय निकायों को एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स के तहत आवारा पशुओं के लिए निर्धारित फीडिंग स्पाट चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। शीर्ष अदालत का स्पष्ट रुख रहा है कि आवारा कुत्तों को नियमित भोजन मिलना आवश्यक है ताकि भूख के कारण उनमें आक्रामकता न फैले, लेकिन यह व्यवस्था ऐसी जगहों पर होनी चाहिए जिससे आम नागरिकों और बच्चों की सुरक्षा प्रभावित न हो।

शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगभग 55 हजार

जम्मू नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगभग 55 हजार है। भोजन की तलाश में कुत्तों के झुंड अक्सर व्यस्त बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में आक्रामक हो जाते थे, जिससे डाग बाइट्स की घटनाएं सामने आती थीं। निश्चित फीडिंग स्पाट बनने से शहर में साफ-सफाई बनी रहेगी और मानव-श्वान टकराव में काफी हद तक कमी आएगी।

नागरिकों से सहयोग की अपील

निगम के एनिमल वेलफेयर आफिसर डॉ. गौरव चौधरी और निगम प्रशासन ने आम जनता और डाग लवर्स से सहयोग की अपील की है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि लोग व्यस्त समय में खाना न डालें, बल्कि सुबह जल्दी या शाम 6 बजे के बाद ही निर्धारित प्वाइंट्स पर भोजन रखें। इसके साथ ही निगम ने यह भी आश्वस्त किया है कि जल्द ही इन क्षेत्रों में बेजुबानों के लिए विशेष वाटर प्वाइंट भी तैयार किए जाएंगे।

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