जम्मू, राज्य ब्यूरो। कश्मीर में चुनिंदा हत्याओं के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस कमेटी जम्मू-कश्मीर ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने चुनिंदा हत्याओं को रोकने में सरकार की नाकामी के लिए उसकी आलोचना की। पार्टी मुख्यालय शहीदी चौक जम्मू में पार्टी कार्यकर्ता इकट्ठे हुए और उन्होंने आतंकवाद, पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए रघुनाथ बाजार से राजभवन की तरफ बढ़ने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने आगे नहीं जाने दिया। इस बीच कार्यकर्ताओं व पुलिस कर्मियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की हो गई।

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने में नाकाम रही है। कश्मीरी हिंदुओं की हत्याएं हो रही हैं और कश्मीरी हिंदू कर्मचारी अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने पाक प्रायोजित आतंकवाद की निंदा करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक प्रधान रमण भल्ला ने किया जिसमें पूर्व मंत्री जिसमें मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा, पूर्व मंत्री योगेश साहनी, महासचिव मनमोहन सिंह, वेद महाजन, शादी लाल पंडिता, साहिल शर्मा, आरके खजूरिया व अन्य शामिल हुए।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने कहा कि कश्मीर में अल्पसंख्यक समुदाय की हत्याएं चिंता का विषय है। पाक प्रायोजित आतंकवाद सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। केंद्र सरकार को कश्मीर में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित बनाने के लिए कदम उठाने चाहिए। रमण भल्ला ने कहा कि सरकार को अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित बनानी चाहिए। कश्मीर में शांति स्थापित करने के दावे झूठे हैं। पूर्व मंत्री योगेश साहनी ने कहा कि कश्मीर में शांति कायम करने के केंद्र व जम्मू कश्मीर सरकार के दावे खोखले साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह अफसोस की बात है कि सुरक्षा की मांग कर रहे कश्मीरी हिंदू कर्मियों पर लाठीचार्ज किया गया है।

पूर्व मंत्री योगेश साहनी ने कहा कि प्रदेश में शांति लाने में केंद्र सरकार और भाजपा पूरी तरह से विफल रही है। कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को चुन-चुनकर मारा जा रहा है और सरकार मूकदर्शन बनी बैठी है। उन्होंने राज्यपाल प्रशासन के इशारे पर विस्थापित कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किए जाने की घटना पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इनकी समस्याओं को सुनना चाहिए था जबकि लाठीचार्ज इसका कोई जवाब नहीं है। इससे समस्या का समाधान होने वाला नहीं है। 

Edited By: Vikas Abrol