J&K बैंक में 1,356 पदों पर भर्ती का एलान, 60% पद आरक्षित; ओपन मेरिट को लेकर फिर छिड़ी तीखी बहस
J&K Bank Recruitment: जेएंडके बैंक की 1,356 पदों पर भर्ती ने युवाओं में उम्मीद जगाई है, लेकिन इसके साथ ही ...और पढ़ें

J&K बैंक में भर्ती का एलान होते ही गरमाया आरक्षण का मुद्दा। (फाइल फोटो)
HighLights
जेएंडके बैंक में 1,356 पदों पर भर्ती की घोषणा।
आरक्षण नीति और आयु सीमा पर नई बहस छिड़ी।
पीडीपी विधायक ने आयु सीमा बढ़ाने की मांग की।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। लंबे इंतजार के बाद जम्मू-कश्मीर बैंक की 1,356 पदों पर भर्ती की घोषणा ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार की नई उम्मीद दी है। हालांकि, भर्ती अधिसूचना जारी होते ही आरक्षण व्यवस्था और अधिकतम आयु सीमा को लेकर बहस भी तेज हो गई है। एक तरफ युवा नौकरी के अवसरों को लेकर उत्साहित हैं, तो दूसरी तरफ ओपन मेरिट में सीमित हिस्सेदारी और आयु सीमा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर की सियासत में आरक्षण का युक्तिकरण एक बड़ा मुद्दा है। नेशनल कान्फ्रेंस से पूर्व सांसद आगा सैयद रुहुल्ला के अलगाव में भी इस मुद्दे ने अहम भूमिका निभाई है।
बैंक की ओर से घोषित भर्ती में प्रोबेशनरी आफिसर (पीओ) के 323 और बैंकिंग एसोसिएट के 1,033 पद शामिल हैं। आनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 नवंबर से शुरू होकर 26 नवंबर 2026 तक चलेगी। लंबे समय से बैंक में भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए इसे एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
60 प्रतिशत आरक्षण ने फिर छेड़ी बहस
भर्ती अधिसूचना के अनुसार कुल पदों में 60 प्रतिशत विभिन्न आरक्षित श्रेणियों के लिए निर्धारित हैं, जबकि 40 प्रतिशत पद ओपन मेरिट के तहत भरे जाएंगे। आरक्षण व्यवस्था में अनुसूचित जाति के लिए 8 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के लिए 20 प्रतिशत, ओबीसी के लिए 8 प्रतिशत, पिछड़े क्षेत्रों के निवासियों के लिए 10 प्रतिशत, नियंत्रण रेखा एवं अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों के निवासियों के लिए 4 प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण शामिल है।
ओपन मेरिट में हिस्सेदारी घटने पर छिड़ी बहस
जम्मू-कश्मीर में आरक्षण का मुद्दा पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में है। वर्ष 2024 में अनुसूचित जनजातियों का आरक्षण 10 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किए जाने के बाद ओपन मेरिट के हिस्से में आई कमी को लेकर सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों ने लगातार आपत्ति जताई है।
उनका कहना है कि सरकारी नौकरियों के सीमित अवसरों के बीच ओपन मेरिट का दायरा कम होने से प्रतिस्पर्धा और मुश्किल हो गई है। दूसरी ओर, आरक्षण समर्थक इसे वंचित समुदायों को प्रतिनिधित्व और समान अवसर देने के लिए जरूरी मानते हैं।
वहीद परा ने उठाया आयु सीमा का मुद्दा
भर्ती को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। पीडीपी विधायक वहीद-उर-रहमान परा ने अधिकतम आयु सीमा 30 से बढ़ाकर 40 वर्ष करने की मांग की है। उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर कहा कि वर्षों से भर्ती का इंतजार कर रहे हजारों युवाओं के लिए मौजूदा आयु सीमा उचित नहीं है।
जेकेएसएसबी की भर्तियों में 40 वर्ष तक आवेदन की अनुमति का हवाला देते हुए उन्होंने बैंक भर्ती में भी समान व्यवस्था लागू करने की मांग की।
परा ने आरक्षण प्रविधानों को वापस लेने की मांग उठाते हुए मुख्यमंत्री और बैंक प्रबंधन से युवाओं की चिंताओं पर विचार करने की अपील भी की है।
रोजगार के साथ संतुलित नीति की भी दरकार
दरअसल, जेएंडके बैंक की यह भर्ती केवल 1,356 पदों को भरने की कवायद नहीं है, बल्कि प्रदेश में रोजगार, आरक्षण और मेरिट के बीच संतुलन से जुड़े व्यापक सवालों को भी सामने लाती है। हजारों युवा लंबे समय से सरकारी और बैंकिंग क्षेत्र में भर्ती का इंतजार कर रहे हैं।
ऐसे में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के साथ आयु सीमा और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर भी व्यापक संवाद की जरूरत महसूस की जा रही है।
सरकार के लिए चुनौती सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व की व्यवस्था बनाए रखने के साथ ओपन मेरिट के उम्मीदवारों की चिंताओं का समाधान करना है। वहीं, राजनीतिक दलों के लिए भी यह मुद्दा युवाओं के बीच अपनी भूमिका और प्रतिबद्धता जाहिर करने का अवसर बन गया है।
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