जम्मू, राज्य ब्यूरो। जम्मू डिवीजन के पांच जिलों में केवल ई-बैंकिंग व कुछ आवश्यक वेबसाइट के लिए ही 2-जी मोबाइल सेवा बहाल होगी। उपभाक्ता इस सेवा के जरिए किसी भी तरह के सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। हालांकि सरकार के इस व्यवस्था ने मोबाइल कंपिनयों की परेशानी बढ़ा दी है। मोबाइल कंपिनयों को यह समझ नहीं आ रही है कि वे टू-जी इंटरनेट सेवा के दौरान सोशल मीडिया पर कैसे रूकावट लगाएं। यही वजह है कि गृह विभाग के आदेश के बाद भी कंपनी आज जम्मू डिवीजन के पांच जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल नहीं कर पाई। हालांकि कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि वह इस पर काम कर रही हैं। सरकारी आदेश के अनुसार व्यवस्था होते ही टू-जी सेवा बहाल कर दी जाएगी।

वहीं सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने भी आज बुधवार शाम को पत्रकारवार्ता के दौरान यह बताया कि यह जग जाहिर है कि सिर्फ कश्मीर डिवीजन में ही नहीं बल्कि जम्मू डिवीजन के कुछ इलाकों में सीमा पार से आतंकवादी घुसपैठ करने की कोशिशें कर रहे हैं। अपने कैडर को फिर से सक्रिय कर रहे है और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को बढ़ाने के प्रयास में है।  आतंकवादी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए वाइस आन इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) का इस्तेमाल कर रहे है और मोबाइल संचार व विभिन्न सोशल मीडिया एप्लीकेशन के जरिए आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने के प्रयास में है।

सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करने और कानून एवं व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कंपीटेंट अथारिटी ने यह फैसला किया है कि कश्मीर डिवीजन में आवश्यक सेवाओं वाले सभी संस्थानों अस्पतालों, बैंकों, सरकारी कार्यालयों, ट्रेड एंड टूरिज्म में ब्राडबैंड सेवा उपलब्ध करवाई जाएगी। जम्मू डिवीजन के पांच जिलों जम्मू, सांबा, कठुआ, ऊधमपुर और रियासी में टू जी मोबाइल सेवा को शुरू किया जा रहा है जिसमें ई-बैंकिंग समेत आवश्यक वेबसाइट का इस्तेमाल कर पाएंगे लेकिन सोशल मीडिया एप्लिकेशन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।

उन्होंने कहा कि कश्मीर डिवीजन में लोगों को संचार सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए 400 इंटरनेट अतिरिक्त केंद्र स्थापित किए जाएंगे। गृह विभाग ने पहले ही लोगों को सुविधाएं देने पर अपना आदेश जारी किया हुआ है। कंसल ने दाेहराया कि सरकार की कोशिश रही है कि लोगों को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। सरकार का प्रयास है कि पाबंदियों को कम करके लोगों की समस्याओं को कम किया जाए। जमीनी हालात को मद्देनजर रख जरूरत के अनुसार कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के 10 जनवरी के आदेश के अनुपालन पर की गई है। जम्मू-कश्मीर में अगस्त 2019 से लगाई गई पाबंदियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति में खलल डालने के आतंकवादियों के प्रयासों को नाकाम बनाने के लिए पाबंदियां लगाई गई थी। 16 अगस्त से लेकर पाबंदियां हटाने का सिलसिला जारी है और अधिकतर पाबंदियां हटाई गई हैं। लैंडलाइन और मोबाइल टेलीफोन, एसएमएस सर्विस पूरी तरह से काम कर रहे हैं। जम्मू डिवीजन में फिक्सड लाइन ब्रांडबैंड लाइन सेवा उपलब्ध है जबकि कश्मीर में आम लोगों और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए 844 ई-टमर्निल स्थापित किए गए हैं जबकि पर्यटकों के लिए 69 विशेष काउंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा जीएसटी रिटर्न भरने और परीक्षाओं के लिए आनलाइन फार्म भरने के भी प्रबंध हैं।

जानकारी हो कि करीब पांच माह और दस दिन के बाद राज्य प्रशासन ने जम्मू संभाग के पांच जिलों जम्मू, सांबा, कठुआ, ऊधमपुर और रियासी में बुधवार (15 जनवरी) से पोस्टपेड पर 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा को बहाल करने का निर्देश दिया है। वहीं, कश्मीर में भी होटलों, शैक्षिक संस्थानों और ट्रेवल एजेंसियों के लिए ब्राडबैंड सुविधा शुरू की जा रही है।

राज्य गृह विभाग ने मंगलवार रात इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। हालांकि यह सुविधा फिलहाल सात दिनों के लिए है। आवश्यकता अनुसार इसे बढ़ाया या बंद किया जा सकता है।जम्मू कश्मीर में चार अगस्त की रात को मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद की गई थी। इसके बारह दिन बाद जम्मू के अलावा कठुआ, सांबा, ऊधमपुर व रियासी जिले में 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल की थी, लेकिन 24 घंटे के भीतर ही इसे दोबारा बंद कर दिया गया था। तभी से लगातार इंटरनेट बहाल करने की मांग हो रही थी।

सुप्रीम कोर्ट ने भी पिछले सप्ताह केंद्र सरकार को जम्मू कश्मीर में इंटरनेट बहाली पर फैसले की एक सप्ताह के भीतर समीक्षा करने के निर्देश दिए थे। जम्मू संभाग में सामान्य स्थिति को देखते हुए राज्य प्रशासन ने चार जिलों में 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू करने की इजाजत दे दी है। गृह विभाग के आदेश के अनुसार, कश्मीर घाटी में सभी होटलों, शैक्षिक संस्थानों और टूअर एंड ट्रेवल ऑपरेटरों, अस्पतालों, बैंकों और अवश्यक सेवाओं के लिए ब्राडबैंड सेवा को बहाल किया गया है, लेकिन यह सुविधा देने से पहले कुछ प्रतिबंध भी रहेंगे। इसके साथ ही आम लोगों के लिए वादी में ब्राडबैंड सेवा को अगले दो तीन दिनों में चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जाएगा। पहले चरण में श्रीनगर, बड़गाम और गांदरबल, उसके बाद उत्तरी कश्मीर के बांडीपोर, बारामुला व कुपवाड़ा और अंतिम चरण में दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और अनतनाग में ब्राडबैंड सेवा को बहाल किया जाएगा। अलबत्ता, वादी में मोबाइल इंटरनेट सेवा को बहाल करने का अभी प्रशासन ने कोई निर्णय नहीं लिया है।

संबंधित अधिकारियों के मुताबिक, ब्राडबैंड सेवा की बहाली के बाद स्थानीय हालात की समीक्षा की जाएगी और उसके बाद ही मोबाइल इंटरनेट सेवा को बहाल किया जाएगा।आदेश के अनुसार घाटी में जिन संस्थानों को ब्राडबैंड की सुविधा दी जा रही है, उन्हें साफ निर्देश हैं कि कोई भी इसका दुरुपयोग न करे। इसमें सोशल साइटस का इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। अगर कोई दुरुपयोग करता है तो संबंधित संस्थान, अधिकारी या जिसके नाम पर कनेक्शन है, वे जिम्मेदार होगा। प्रतिबंधित वेबसाइट्स का भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इसकी निगरानी के लिए नोडल अधिकारी भी तैनात किए गए हैं, जो कि कभी भी दुरुपयोग होने पर सुविधा को बंद कर सकते हैं। 

Posted By: Preeti jha

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