जम्मू, राज्य ब्यूरो। कोरोना वायरस से बचाव के लिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जम्मू विश्वविद्यालय नया अकादमिक कैलेंडर तैयार करेगा। इसके साथ ही रिसर्च कैलेंडर भी तैयार किया जाएगा। राष्ट्रीय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशानिर्देशों पर भी अमल होगा। नया अकादमिक सत्र एक सितंबर को शुरू होगा। परीक्षाओं को जून के अंत या जुलाई के मध्य में शुरू किया जा सकता है।

जम्मू विवि ने अंडर ग्रेजुएट, पीजी और अन्य परीक्षाएं पहले ही स्थगित कर दी है। अंडर ग्रेजुएट की परीक्षाओं का फैसला वाइस चांसलर जम्मू संभाग के डिग्री कॉलेजों के ¨प्रसिपलों के साथ विचार विमर्श के बाद करेंगे। हालांकि सरकार के आदेश के बावजूद 30 फीसद स्टाफ के साथ विश्वविद्यालय को नहीं खोला गया है, लेकिन विवि छोटे स्तर का रोडमैप तैयार कर रहा है। वीसी प्रो. मनोज धर का कहना है कि ऑनलाइन कोर्स, परीक्षा शेड्यूल, दाखिला शेड्यूल और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों के लिए तैयारी चल रही है। रिसर्च गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए काम होगा।

रिपोर्ट जमा करवा चुके स्कॉलरों का ऑनलाइन साक्षात्कार की तैयारी : डीन रिसर्च से कहा गया है कि वह उन एमफिल और पीएचडी स्कॉलरों की पहचान करें, जो अपनी रिपोर्ट जमा करवा चुके हैं। उनका साक्षात्कार ऑनलाइन तरीके से करवाने के लिए कदम उठाए जाएं। अगले पंद्रह दिनों में 30 मई तक विश्वविद्यालय अपने बुनियादी ढांचे, सुरक्षा उपकरण व अन्य जरूरतों को ध्यान में रखकर काम कर रहा है। हॉस्टलों, सेंट्रल लाइब्रेरी में री¨डग रूमों व विभिन्न विभागों में लैबों को सैनिटाइज किया जाएगा।

पीजी कोर्सो में एंट्रेंस टेस्ट पर अभी फैसला नहीं : जम्मू विवि के पीजी कोर्सो में दाखिला के लिए हर साल एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया जाता है। एंट्रेंस टेस्ट का मूल्यांकन 25 फीसद और तीन साल की डिग्री कोर्स का मूल्यांकन 75 फीसद होता है। एंट्रेंस टेस्ट के लिए आवेदन फार्म मई में निकल जाते हैं, लेकिन इस समय विवि बंद होने से आवेदन फार्म नहीं निकाले गए हैं। सूत्र बताते हैं कि इस साल एंट्रेंस टेस्ट को टाल कर सीधे ग्रेजुएशन की डिग्री के मेरिट पर दाखिले किए जा सकते हैं। चूंकि अभी तक अंडर ग्रेजुएट के छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं नहीं हुई हैं, इसलिए टेस्ट का फैसला बाद में होगा।

सॉलिड वर्क की दी जानकारीः सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज जम्मू ने सॉलिड वर्क पर वेबिनार का आयोजन किया। सैप्टा इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड के इंजीनियर राहुल पाठक व इंजीनियर दीपांकर राज मलिक ने कॉलेज के विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों को सॉलिड वर्क की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने मौजूदा दौर में उपलब्ध विभिन्न साफ्टवेयर के बारे में बताया। थ्री डी कैड साफ्टवेयर टूल के लिए सॉलिड वर्क अहम साबित होता है। कॉलेज के ¨प्रसिपल अरुण बंगोत्र ने बेविनार में भाग लेने के लिए संबंधी कंपनियों का आभार जताते हुए कहा कि वेबिनार से विद्यार्थियों और अध्यापकों को काफी कुछ सीखने का मौका मिला है।

जेकेईडीआइ स्टार्ट-अप इंडिया के साथ नया पाठ्यक्रम शुरू करेगाः उद्यमशीलता विकास संस्थान जल्द ही स्टार्ट-अप इंडिया के साथ मिलकर त्रैमासिक पाठ्यक्रम शुरू करेगा। जेकेईडीआइ के निदेशक जीएम डार ने बुधवार को एक वेबिनार के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जेकेईडीआइ ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जारी लॉकडाउन से पैदा संकट से उद्यमियों को उभारने की दिशा में पहल करते हुए वेबिनार श्रृंखला शुरू कर रखी है। बुधवार को इसी श्रृंखला के तहत पहला वेबिनार हुआ है। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस के प्रोफेसर सत्यजीन मजूमदार ने मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए व्यापारिक गतिविधियों और योजनाओं को फिर से तय करने पर जोर देते हुए उद्यमियों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार करने पर अपने विचार और सुझाव रखे। मौजूदा दौर नए उद्यमियों के लिए बहुत ही अहम है। उनके लिए यह अपनी योजनाओं को बदलने, नई संभावनाएं तलाशने और उन पर काम कर खुद को साबित करने का अवसर है। जीएम डार ने कहा कि हमें कृषि और बागवानी जैसे क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए अपनी अर्थव्यवस्था के लिए स्थानीय पहलुओं पर गौर करना चाहिए। वेबिनार की यह श्रृंखला कोविड-19 के बाद की दुनिया के हालात का आकलन करते हुए बदलती व्यावसायिक गतिविधियों पर केंद्रित रहेगा। अगला वेबिनार शनिवार को होगा।

Posted By: Rahul Sharma

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