मीरां साहिब, संवाद सहयोगी। राज्य से अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद से ही जम्मू-कश्मीर में बंद की गई मोबाइल इंटरनेट सुविधा ने व्यापार जगत पर अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। छोटे कारोबारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है जबकि सरकार यह सेवा कब तक बहाल करेगी, इस बारे में भी कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया जा रहा है। जम्मू के कारोबारियों ने सरकार से आग्रह किया है कि यहां सबकुछ ठीक होने के बावजूद लोगों को इंटरनेट सुविधा से वंचित रखा जा रहा है। इसे जल्द शुरू किया जाए ताकि उनका कारोबार चल सके।

कस्बे में साइबर कैफे चला रहे साहिल कुमार, अमरीक सिंह, जगदीश सिंह, मंगत राम का कहना है कि इंटरनेट के माध्यम से युवाओं को सरकारी नौकरियों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मोबाइल इंटरनेट बंद होने से कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया है। किसी भी सरकारी योजना की ऑनलाइन जानकारी युवाओं तक नहीं पहुंच पा रही है। इन दुकानदारों ने कहा कि उन्होंने ब्राडबैंड के लिए भी आवेदन कर रखा है परंतु एकाएक मांग बढ़ने के कारण उसमें भी देरी हो रही है। ऐसे में मोबाइल इंटरनेट पर निर्भर दुकानदार भूखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं।

वहीं विक्रम शर्मा, सुनील कुमार, अमरजीत सिंह, रविंद्र कुमार का कहना है कि राज्य से अनुच्छेद 370 हटने के कारण जम्मू संभाग के लोग काफी खुश हैं। वे इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं। मगर फिर भी उन्हें घाटी के लोगों की तरह इंटरनेट सुविधा का लाभ नहीं दिया जा रहा। देश को डिजिटल इंडिया बनाने की बात की जा रही है जबकि जम्मू-कश्मीर में यह सुविधा नहीं दी जा रही है। यदि यही हाल रहा तो उनकी दुकानों पर जल्द ही ताले लगने की नौबत आ जाएगी। उन्होंने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से गुहार लगाई की जम्मू में जल्द से जल्द लोगों को इंटरनेट की सुविधा मुहैया करवाई जाए ताकि लोगों का कारोबार सुचारु रुप से चल सके।

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