जम्मू में 6 महीने बाद आज से खुलेगा सचिवालय, CM उमर करेंगे कामकाज की समीक्षा; श्रीनगर से शिफ्ट हुए सरकारी ऑफिस
छह महीने बाद जम्मू में सचिवालय खुल गया है, जहां मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। श्रीनगर से स्थानांतरित हुए।
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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला। फाइल फोटो
HighLights
छह महीने बाद जम्मू में सचिवालय का कामकाज शुरू।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला करेंगे विभागों के कार्यों की समीक्षा।
श्रीनगर से 91 सरकारी कार्यालय जम्मू स्थानांतरित हुए।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। छह महीने तक श्रीनगर में कामकाज के बाद सोमवार से जम्मू में सचिवालय खुल जाएगा। श्रीनगर से सामान व कर्मचारियों को लेकर आज रविवार दूसरे दिन भी जम्मू वाहनों का काफिला पहुंचा। उमर सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद जम्मू में यह पहला सचिवालय मूव है। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए है। सचिवालय खुलने को देखते हुए तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।
चूंकि ई-आफिस पहले ही लागू हो चुका है इसलिए बहुत कम रिकार्ड ही मूव करता है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पहले दिन विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा के लिए बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री का स्वागत मंत्री व अधिकारी करेंगे। अब सर्दियों में अगले छह महीने तक सरकार जम्मू से कार्य करेगी। राजनीतिक गहमागहमी भी जम्मू में रहेगी।
91 में से 41 कार्यालय पूरी तरह जम्मू में शिफ्ट
श्रीनगर से 91 सरकारी कार्यालयों को जम्मू में शिफ्ट किया गया है। कुल 91 कार्यालयों में से 41 कार्यालय पूरी तरह से जम्मू में शिफ्ट हो गए है। इसमें नागरिक सचिवालय, विभिन्न विभाग, मुख्यमंत्री का सचिवालय शामिल हैं। वहीं 50 विभाग सीमित अधिकारियों व कर्मियों के साथ कैंप-माेड में काम करेंगे। पांच दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालय समय समाप्त होने के बाद गत शुक्रवार को श्रीनगर में बंद हो गए थे।
वहीं, छह दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालय शनिवार को बंद हो गए थे। जम्मू कश्मीर परिवहन निगम ने गत शनिवार व आज रविवार को अधिकारियों व कर्मियों को जम्मू लाने के लिए विशेष बसों का इंतजाम किया था दरबार मूव के संबंधित कर्मियों को पच्चीस हजार रुपये का भत्ता दिए जाने का आदेश पहले ही जारी हो चुका है।
अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद दरबार मूव को कर दिया था बंद
मुख्यमंत्री के अलावा सभी मंत्री भी जम्मू में सचिवालय में अपने अपने विभागों के साथ बैठकें कर कामकाज की समीक्षा करेंगे। बताते चलें कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद दरबार मूव को बंद कर दिया गया था। यह प्रक्रिया पिछले साल फिर से शुरू की गई थी। जम्मू के चैंबर व विभिन्न राजनीतिक पार्टियों की मांग थी कि दरबार मूव की प्रक्रिया को शुरू किया जाए इससे जम्मू की आर्थिक गतिविधियों को बल मिलता है।
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