विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जम्मू में अब रोहिंग्याओं को नहीं मिलेगी जगह, अंधेरे में हो रही बस्ती खाली; शरण देने वालों पर भी होगी FIR

Published: Sat, 19 Sep 2026 09:43 AM (IST)

जम्मू में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या नागरिकों के खिलाफ जिला प्रशासन और पुलिस ने बड़ा क्रैकडाउन शुरू किया है।

News Article Hero Image

HighLights

  1. रात के अंधेरे में खाली हो रहीं बस्तियां

जागरण संवाददाता, जम्मू। रोहिंग्याओं को जिले से बाहर करने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। गत दिनों की गई कार्रवाई से जम्मू व आसपास के क्षेत्रों में रह रहे रोहिंग्याओं में हड़कंप मचा है।

वहीं, जिला प्रशासन ने भी पुलिस थानों को अलर्ट करते हुए निर्देश दिए हैं कि उन्हें कहीं भी पैर पसारने न दिए जाएं। जगह देने और ठहराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, नरवाल सहित कई क्षेत्रों में रोहिंग्या दिनभर सामान समेटने के बाद रात के घुप अंधेरे में बस्तियों को खाली कर रहे हैं।

साथ ही किसी को भी यह भनक नहीं लगने दे रहे कि आखिरकार वे कहां जा रहे हैं। गत दिनों से इन रोहिंग्याओं का बस्तियों से निकलने का सिलसिला जारी है। सालों से ये लोग अपना पूरा घर बसा चुके थे और अब घर का बड़ा-बड़ा सामान यहीं बेच कर जरूरी सामान समेट कर निकल रहे हैं।

कहां जा रहे लोग किसी को नहीं पता

पूछे जाने पर कोई कुछ नहीं बता रहा कि वो कहां जा रहे हैं। ये लोग जम्मू के किसी अन्य क्षेत्र में जाकर न छिपे, इसके लिए जिला प्रशासन ने जम्मू के हर थाने को अलर्ट किया है।

प्रशासन ने हर थानेदार को हिदायत जारी की है कि अगर कहीं भी ये लोग ठहरते पाए जाते हैं तो उन्हें तत्काल वहां से खदेड़ा जाए। प्रशासन की ओर से नरवाल, बठिंडी, सुंजवां और चौआदी में अब तक 40 कनाल से अधिक जमीन खाली कराकर सात हजार से अधिक रोहिंग्या नागरिकों को यहां से निकाला गया है।

प्रशासन ने साफ किया है अब जिले में कहीं भी इनको बसने नहीं दिया जाएगा। जम्मू में इस कार्रवाई के बाद सांबा जिला प्रशासन भी अलर्ट पर है और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

विधायक भी नहीं जान पाए इनकी रणनीति

नरवाल व साथ लगते इलाकों में बस्तियां खाली कर रहे रोहिंग्या अब आखिरकार कहां जाकर बसने की तैयारी में है, ये जानने के लिए बाहू क्षेत्र के विधायक विक्रम रंधावा शुक्रवार को इनकी बस्तियों में पहुंचे थे।

वहां कुछ रोहिंग्या नागरिकों ने अपने कार्ड दिखाते हुए रहम की अपील भी की लेकिन विधायक ने भी स्पष्ट कर दिया कि रोहिंग्या नागरिकों को यहां बसने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

विधायक ने अपनी बातचीत के दौरान इन लोगों से काफी बार पूछा कि अब वे कहां जा रहे हैं, लेकिन किसी ने मुंह नहीं खोला। हर कोई यहीं कह रहा था कि कहां जाएंगे, यहीं कहीं सड़कों पर सो जाएंगे।

विधायक ने अब प्रशासन से इन पर कड़ी नजर रखने की अपील करते हुए कहा है कि ये लोग जम्मू के अन्य हिस्सों में अब बिखर-बिखर कर छिप न जाए, इस पर पूरी नजर रखनी पड़ेगी।

दैनिक जागरण से बातचीत में विधायक ने कहा कि ये लोग क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके थे और लोग काफी परेशान थे। अब प्रशासन ने उचित कार्रवाई की है, लेकिन अब प्रशासन को कड़ी नजर रखनी होगी क्योंकि ये लोग मुंह नहीं खोल रहे।

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान की राजनीति में हलचल, नवाज शरीफ ने गुलाम जम्मू कश्मीर का प्रधानमंत्री बनने की जताई इच्छा