राजौरी, गगन कोहली। Jammu kashmir situation: अंतरराष्ट्रीय मंच समेत हर मोर्चे पर करारी शिकस्त झेल चुका पाकिस्तान अब एक आेर जहां अपनी सेना, आतंकियों और अलगाववादियों को साथ लेकर भारत-पाक सीमा पर हिंसा भड़काने के लिए गुलाम कश्मीर के मासूम लोगों को ढाल बना रहा है। वहीं उसकी यह भी कोशिश है कि एेसा संदेश न जाए कि जिसमें इस सबके पीछे पाकिस्तान की सरकार का हाथ सामने नजर आए।

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने एक टवीट कर यह स्पष्ट किया है कि वह गुलाम कश्मीर में रह रहे कश्मीरी लोगों के कश्मीरियों के प्रति ददर् को भलीभांति समझते हैं लेकिन अगर कोइ भी कश्मीरी मानवता के आधार पर गुलाम कश्मीर से कश्मीर में लोगों की सहायता के लिए जाता है तो यह भारत के इशारों पर खेलने के बराबर होगा। इमरान ने यह भी लिखा कि भारत इसे दुनिया की नजर में पाकिस्तान के इस्लामिक आतंकवाद फैलाने के तौर पर दुष्प्रचार कर रहा है। यही नहीं अगर गुलाम कश्मीर के लोग कश्मीर में जाते हैं तो भारत को कश्मीरियों पर आैर सख्ती करने के अलावा हमला करने का भी बहाना दे देगा।

जेकेएलएफ के नेतृत्व में एलओसी मार्च कर सीमा लांघ भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए गुलाम कश्मीर के मुजफ्फराबाद में गत शुक्रवार को जुटाइ गइ लोगों की भारी भीड़ चकोटी तक पहुंच गइ है। गुलाम कश्मीर के कई हिस्सों से लोगों को डरा-धमकाकर और इस्लाम के नाम पर भड़का कर माचर् में शामिल किया गया है। यह क्षेत्र उत्तरी कश्मीर के उड़ी सेक्टर के बिल्कुल सामने पड़ता है। वहीं पाकिस्तान की इस साजिश से पहले से सतर्क भारतीय सेना ने सीमा पर अलर्ट घोषित करते हुए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त कर रखे हैं।

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से पाकिस्तान पूरी तरह बौखलाया हुआ है। कभी सीमा पर गोलाबारी तो कभी घुसपैठ का प्रयास। संयुक्त राष्ट्र में भी पाकिस्तान ने कश्मीर को लेकर कई झूठ बोले, लेकिन उसके सभी दावे हवा हो गए। सेना, आतंकियों और अलगाववादियों की नाकामी के बाद ही पाकिस्तान ने गुलाम कश्मीर के लोगों को ढाल बनाकर आगे किया है।

हिंसा भड़काने की कोशिश 

पाकिस्तान चाहता है कि बड़ी संख्या में गुलाम कश्मीर के लोग सीमा पार करने की कोशिश करें और भारतीय सेना उन पर कार्रवाई करे, जिसमें कई बेकसूर लोग मारे जाएं और हालात खराब हो सकें। ऐसा कर पाकिस्तान कश्मीर के लोगों के लिए हमदर्दी जताने का नाकाम प्रयास कर रहा है, जबकि हकीकत यह है कि कश्मीर के पूरी तरह भारत के साथ हैं।

रात तक जमा होते रहे लोग

सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को गुलाम कश्मीर के हर जिले से लोगों को भड़का कर रैलियां निकाली गई और उन्हें वाहनों में सवार होकर मुजफ्फराबाद पहुंचाया गया। इस दौरान लोग कश्मीर को आजाद करवाने के नारे लगा रहे थे। ज्यादा से ज्यादा लोगों का जमा करने के लिए पाक सेना ने लोगों को लाने के लिए वाहन भी मुहैया करवाए हैं। सूत्रों के अनुसार, देर रात तक लोगों का मुजफ्फराबाद पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। 

नौवें शुक्रवार को भी नहीं हुई नमाज-ए-जुम्मा की अजान

श्रीनगर की एतिहासिक जामिया मस्जिद के अलावा हजरतबल दरगाह और खानकाह मौला में नमाज ए जुम्मा नहीं हुई। एतिहासिक जामिया मस्जिद डाऊन-टाऊन के नौहटटा में स्थित है। खानकाह ए मौला भी डाऊन-टाऊन में ही है। हजरतबल दरगाह शहर के बाहरी छोर पर नसीम बाग इलाके में स्थित है। डाऊन-टाऊन को अलगाववादियों का गढ़ माना जाता है और प्रत्येक शुक्रवार को नमाज ए जुम्मा के बाद अक्सर पाकिस्तान समर्थक तत्व इसी इलाके में नमाज ए जुम्मा के बाद पाकिस्तानी ध्वज लहराते हुए राष्ट्रविरोध प्रदर्शन करते थे। आज प्रशासनिक पाबंदियों के चलते कोई भी व्यक्ति इस इलाके में नमाज ए जुम्मा के लिए जमा नहीं हो पाया। सुरक्षाबलों ने भी किसी बाहरी व्यक्ति को नौहटटा में दाखिल नही होने दिया। स्थानीय लोग भी हिंसा की आशंका के चलते जामिया मस्जिद में नहीं आए। लिहाजा, नमाज-ए-जुम्मा नहीं हो पायी। पांच अगस्त के बाद से यह लगातार नौंवा शुक्रवार है, जब जामिया मस्जिद में नमाज ए जुम्मा नहीं हुई है।डरे इमरान, गुलाम कश्मीर के लोगों से बोले- पार न करें।

रविवार को भी हो सकता है सीमा लांघने का प्रयास 

सूत्रों के अनुसार, शनिवार रात को लोगों को चकोटी से लगभग 15 किलोमीटर पहले गड़ी रोपटा में रोका गया है। यहां जेकेएलएफ के साथ-साथ अन्य आतंकी संगठन लोगों को भड़काते रहे। पाकिस्तान और आतंकी संगठन चाहते हैं कि रविवार को सीमा लांघने का एक और प्रयास किया जाए।

बिपिन रावत के खुलासे के बाद आया इमरान का बयान 

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को अपने देश की सेना और लोगों को कश्मीरियों की सहायता के लिए नियंत्रण रेखा (एलओसी) के माध्यम से भारतीय सीमा पार नहीं करने की चेतावनी दी। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की यह सलाह भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत के उस खुलासे के लगभग 10 दिन बाद आई, जिसमें उन्होंने बालाकोट में आतंकी शिविर फिर से सक्रिय होने की बात कही है।

Posted By: Preeti jha

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