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जम्मू, जेएनएन। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकियों की साजिश नाकाम करते हुए तीन आतंकियों को भारी मात्रा में हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। आतंकियों को पंजाब-जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर लखनपुर टोल नाके से गिरफ्तार किया गया। सुरक्षाबलों को जानकारी मिली थी कि एक ट्रक से हथियार ले जाया जा रहा है। इसके बाद सुरक्षाबलों ने ट्रक को पकड़ा और तीन आतंकियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया।

यह मामला सुबह 8.30 बजे का है। पुलिस को सुरक्षा एजेंसियों से यह जानकारी मिली थी कि हरियाणा से आ रहा ट्रक जेके13-ई-2000 में हथियार हैं। पुलिस की विशेष टीम ने लखनपुर प्रवेश द्वार पर नाका लगा लिया। लखनपुर पहुंचने पर पुलिस ने ट्रक को जांच के लिए रोका। ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि ट्रक में गत्ते के डिब्बे लदे हुए हैं। ये डिब्बे सेब पैकिंग के लिए श्रीनगर ले जाए जा रहे हैं। पुलिस ने ट्रक की गहनता से तलाशी लेने के लिए उसे एक तरफ लगाने के लिए कहा। डिब्बों की जब तलाशी ली गई तो उसमें चार एके-56 राइफल, 2 एके-47 राइफल, उसकी छह मैगजीन, 108 राउंड के साथ  ग्यारह हजार रुपये बरामद हुए।

पुलिस ने ट्रक पर सवार तीनों आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया है। ये तीनों आतंकी जैश ए मोहम्मद से संबंधित हैं और इनकी पहचान उबैद उल इस्लाम पुत्र मोहम्मद शाह निवासी राजपुरा पुलवामा, जहांगीर अहमद परे पुत्र मोहम्मद अब्दुल परे निवासी चरार ए शरीफ बडगाम और सबील अहमद बाबा पुत्र गुलाम हसन बाबा निवासी राजपुरा पुलवामा के रूप में हुई है। यह ट्रक सुहेल अहमद लाटू निवासी गुलशानाबाद पुलवामा का है। एसएसपी ने बताया कि ट्रक जब हरियाणा से डिब्बे लादकर जम्मू चला था उसी समय सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस को इस बारे में सूचित कर दिया था। 

कठुआ एसएसपी श्रीधर पाटिल ने दोपहर को संवाददाता सम्मेलन के दौरान यह जानकारी दी कि पुलिस ने आतंकी हमले की बड़ी साजिश को नाकाम बनाते हुए प्रवेश द्वार लखनपुर से तीन आतंकवादियों को हथियारों सहित पकड़ा है। हरियाणा से ट्रक में बैठ जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने की फिराक में इन आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने लखनपुर में जांच के दौरान पकड़ा। ट्रक में गत्ते के खाली डब्बे लदे हुए थे। तीनों आतंकवादियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारी हासिल होगी।

एसएसपी ने कहा कि ये हथियार इन्हें कहां पहुंचाने थे। कहां से ये लाए जा रहे थे, इस बारे में पूछताछ जारी है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने और इसे केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने के बाद पाकिस्तान बौखला गया है। राज्य की शांति को भंग करने के लिए आइएसआइ व आतंकी संगठन इन हथियारों की मदद से यहां का माहौल खराब करने की साजिश रच रहे हैं। सुरक्षा एजेंसी व पुलिस उनके हर मंसूबे को विफल बनाने के लिए सतर्क है। संवाददाता सम्मेलन में एएसपी रमनीश गुप्ता, डीएसपी हैडक्वाटर निखिल रसगोत्रा, डीएसपी डीआर केडी भगत भी उपस्थित थे।

सनद रहे कि सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर में बड़े हमले की साजिश के बारे में पहले ही चेतावनी दे रखी है। यही वजह है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के जवान पिछले एक सप्ताह से हाईवे, सीमा से सटे इलाकों में विशेष नाकों के साथ तलाशी अभियान चला रहे हैं। यही नहीं शहर के साथ लगते सुंजवां इलाके में लगातार दो दिनों से तलाशी अभियान चल रहा है।

लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी आसिफ मारा गया

कठुआ के एसएसपी ने कहा कि हथियार और गोला-बारूद ले जा रहे एक ट्रक को जब्त किया गया है। सुरक्षा बलों के लिए दो दिनों में ये दूसरी बड़ी सफलता है। 

इससे एक दिन पहले बुधवार को जम्मू-कश्मीर के सोपोर में सुरक्षाबलों को सुबह आतंकी के छिपे होने की खबर मिली थी। इसके बाद अभियान चला कर लश्कर-ए-तैयबा के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी आसिफ को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। आसिफ ने ही सोपोर में एक फल विक्रेता के घर पर फायरिंग कर तीन सदस्यों को घायल कर दिया था। जिसमें आसिमा नाम की एक बच्ची भी शामिल  थी।

डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा 

जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि आसिफ सेब कारोबारियों को धमकी दे रहा था। उन्होंने कहा कि आसिफ ने सोपोर में काफी आतंक मचा रखा था। पिछले एक महीने में वह बहुत सक्रिय था। वह ओवर ग्राउंड वर्कर्स के जरिए नागरिकों को दुकान नहीं खोलने की धमकी देता था। वह सोपोर में एक मजदूर पर हमले का भी जिम्मेदार था।

 

Posted By: Preeti jha

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