जम्मू, राज्य ब्यूरो। जम्मू कश्मीर पुलिस ने भी आरोपित डीएसपी देविंदर सिंह और उसके साथ पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ के लिए मंगलवार को एक विशेष जांच दल का गठन कर दिया। यह दल ऐसे पुराने मामलों की छानबीन करेगा, जिसमें देविंदर ने कथित तौर पर कभी आतंकियों का साथ दिया हो।

डीएसपी को राज्य सरकार ने किया था सम्मानित :

जम्मू कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि आतंकियों संग पकड़े गए डीएसपी देविंदर सिंह को राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार या केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से कोई सम्मान प्राप्त नहीं है। उसे सिर्फ जम्मू कश्मीर राज्य द्वारा वर्ष 2018 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया था। देविंदर सिंह को यह वीरता पुरस्कार 25/26 जनवरी को जिला पुलिस लाइन पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले से निपटने के लिए चलाए गए अभियान में उनकी भूमिका के आधार पर प्रदान किया गया था। उस समय वह जिला पुलवामा में डीएसपी जिला पुलिस लाइन पुलवामा के पद पर तैनात थे।

गौरतलब है कि आरोपित डीएसपी के बारे में कुछ मीडिया संस्थानों ने दावा किया था कि उसे राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुरस्कृत किया है।

जम्मू कश्मीर पुलिस पेशेवर संगठन, राष्ट्रविरोधी का लिहाज नहीं करती :

पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू कश्मीर पुलिस एक समर्थ, अनुशासनबद्ध, राष्ट्रभक्त और पेशेवर संगठन है, जो किसी भी राष्ट्रविरोधी या असामाजिक तत्व, चाहे वह किसी से भी जुड़ा हो, उसका लिहाज नहीं करती है। डीएसपी देविंदर सिंह को भी पुलिस ने ही पकड़ा और उसके खिलाफ भी संबंधित कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। कानून सभी के लिए एक समान है। 

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021