कश्मीर के सेब और जम्मू के आम पर मंडराया कुदरत का संकट, बदलते मौसम से तबाह हो रही बागवानी
जम्मू-कश्मीर में जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान से सेब व आम की पैदावार पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। जम्मू ...और पढ़ें
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कश्मीर में सेब और जम्मू में आम के उत्पादन में भारी गिरावट का अनुमान।
HighLights
तापमान बढ़ने से कश्मीर में सेब उत्पादन घटा
बारामुला में सेब की पैदावार में 19.16% तक कमी
जम्मू में आम की आवक में 70% से अधिक गिरावट
जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ता तापमान बागवानी और कृषि अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बन गया है।
एक नए शोध अध्ययन के अनुसार, गर्मियों में तापमान में केवल 1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि कश्मीर में सेब के उत्पादन को औसतन 6.10 प्रतिशत तक घटा सकती है, जबकि बारामुला में यह गिरावट रिकॉर्ड 19.16 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।
वहीं दूसरी ओर, जम्मू में अत्यधिक गर्मी और मौसमी अनिश्चितता के कारण 2026 में आम की आवक में 70 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
एक डिग्री तापमान बढ़ने से सेब का उत्पादन घटा
जम्मू-कश्मीर में बढ़ता तापमान और मौसम की अनिश्चितता बागवानी पर भारी पड़ रही है। कश्मीर की पहचान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सेब उत्पादन पर गर्मी बढ़ने का सीधा असर सामने आया है।
एक अध्ययन के अनुसार, गर्मियों के तापमान में प्रत्येक एक डिग्री सेल्सियस वृद्धि से कश्मीर में सेब की पैदावार करीब 6.10 प्रतिशत तक घट सकती है।
बारामुला में इसका असर और गंभीर बताया गया है, जहां तापमान में एक डिग्री वृद्धि के साथ सेब उत्पादन में 19.16 प्रतिशत तक कमी का अनुमान है।
रिसर्च में सामने आई वजह
इंटरनेशनल जर्नल ऑफ क्रिएटिव और ओपन रिसर्च इन इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में प्रकाशित अध्ययन में जम्मू-कश्मीर में जलवायु परिवर्तन से कृषि और बागवानी को हो रहे नुकसान का विश्लेषण किया गया है।
अध्ययन में सेब और आम के साथ कश्मीर में केसर उत्पादन पर भी बदलते मौसम के प्रभाव को रेखांकित किया गया है।
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