जम्मू, राज्य ब्यूरो। उधमपुर-डोडा संसदीय क्षेत्र के भद्रवाह कस्बे में मतदान की पूर्व दो गुटों में हुए टकराव के बाद सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया है। मारपीट में एक युवक जख्मी हुआ है। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को संभाल लिया। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने मदद के लिए सेना को बुला लिया है। सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों केा तैनात कर दिया गया है।

जानकारी हो हिंदू संगठनों ने बृहस्पतिवार को भद्रवाह बंद का आहवान किया है। हालांकि प्रशासन ने पुष्टि नहीं की है, लेकिन कस्बे में अघोषित तौर पर कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि भद्रवाह के साथ लगते किश्तवाड़ में करीब 10 दिन पहले ही आतंकियों ने आरएसएस कार्यकर्ता चंद्रकांत शर्मा व उनके अंगरक्षक की हत्या कर दी थी। तब से वहां तनाव चल रहा था। किश्तवाड़ में मंगलवार से ही दिन का कर्फ्यू हटाया गया था।

भद्रवाह से मिली जानकारी के अनुसार तनाव गणपति बाजार में एक युवक की पिटाई के बाद पैदा हुआ है। दोनों पक्षों के टकराव में घायल तौसीफ अहमद मत्तु कश्मीर मुद्दे पर अकसर अलगाववादियों के साथ खड़ी नजर आने वाली अवामी इत्तेहाद पार्टी से जुड़े हैं। तीन दिन पहले इतेहाद पार्टी के चेयरमैन पूर्व विधायक इंजीनियर रशीद ने बस स्टैंड के पास एक रैली को संबोधित किया था। इसमें उन्होंने कई भड़काऊ और उत्तेजक बातें बोली थी। तब से माहौल में तनाव चल रहा था।

अस्पताल में उपचाराधीन युवक ने बताया कि शाम को वह सामान लेने के लिए मोटरसाइकिल पर गणपति बाजार गया था। वहां कुछ युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया। उसकी इन युवकों से बहस हो गई और इस दौरान एक युवक ने उसके सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया।इसके बाद घायल युवक वापस पहुंचा तो मामले ने सांप्रदायिक रंग ले लिया। कुछ ही देर में दूसरे संप्रदाय के लोग वहां जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान गणपति बाजार में कुछ युवकों का एक दल नारेबाजी करता हुआ बाजार में दाखिल हुआ। उसने वहां कथित तौर समुदाय विशेष की दुकानों पर हमला बोल दिया। तीन दुकानों में तोड़-फोड़ और कथित लूटपाट हुई। इनमें एक सुनार की दुकान है, एक सब्जी की और एक फास्टफूड की दुकान है।

स्थानीय लोगों ने इन लड़कों का जब पीछा किया तो वह वापस भाग गए लेकिन एक युवक पकड़ा गया। उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। बताया जाता है कि उक्त युवक को पुलिस ने उसी समय तथाकथित तौर पर रिहा कर दिया।इसके बाद दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए और उनमें पथराव भी हुआ। एक धर्मस्थल पर भी पथराव की सूचना है,लेकिन पुष्टि नहीं हुई है।

गणपति और सेरी बाजार में भी जुलूस और नारेबाजी शुरु हो गई। दोनों पक्षों की अलग-अलग बैठकें होने लगी। स्थानीय लोगों ने कहा है कि इसी दौरान किसी ने फायर किया, लेकिन पुलिस ने इससे इनकार किया है।प्रशासन ने इस संदर्भ में एक मामला दर्ज करते हुए दोनों समुदायों के लोगों के साथ संपर्क कर स्थिति पर काबू पाने का प्रयास किया। स्थिति को लगातार बिगड़ते देख प्रशासन ने मदद के लिए सेना को कस्बे में बुलाया। सेना के जवानों ने कस्बे में देर रात गए फ्लैग मार्च भी किया।

कस्बे में जगह जगह गली-बाजारों में बाहर खड़े दोनों समुदायों के लोगों को उनके घरों में खदेड़ने के लिए लाउड स्पीकर से सेना के जवानों ने सभी चेतावनी देते हुए कहा कि कर्फ्यू लागू किया गया है। इसके बाद ही लोग अपने घरों में घुसे।इस बीच, हिंदु संगठनों ने वीरवार को बंद का आहवान किया है। 

Posted By: Preeti jha