विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jammu Kashmir BJP : भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी में बनी रणनीति, हर विधानसभा क्षेत्र में नए कार्यकर्ता जोड़ने का लक्ष्य

By Rahul SharmaEdited By:
Published: Wed, 17 Nov 2021 08:37 AM (IST)

भाजपा ने वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में जम्मू संभाग से 25 सीटें जीतकर पहली बार पीडीपी के साथ मिलकर ...और पढ़ें

कश्मीर में देशविरोधी तत्वों को नाकाम बनाने के लिए सुरक्षा के प्रबंधों को और पुख्ता किया जाना जरूरी है।
कश्मीर में देशविरोधी तत्वों को नाकाम बनाने के लिए सुरक्षा के प्रबंधों को और पुख्ता किया जाना जरूरी है।

जम्मू, राज्य ब्यूरो : जम्मू कश्मीर में अपने दम पर सत्ता की सीढ़ी चढ़ने का दावा कर रही भाजपा कश्मीर में अपना आधार मजबूत बनाने की रणनीति पर मंथन कर रही है। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में इसकी चुनौतियों पर चर्चा हुई और नए कार्यकर्ताओं को जोड़कर 50 पार के लक्ष्य की रणनीति भी तय हुई। विधानसभा चुनाव से पूर्व पार्टी अपने कुनबे के विस्तार की रणनीति बना रही है। यहां बता दें कि केंद्र सरकार साफ कर चुकी है कि परिसीमन का कार्य पूरा होने के बाद ही प्रदेश में चुनाव होंगे।

सांबा के सरोर में हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के अंतिम दिन तय हुआ कि अब उन इलाकों में ताकत झोंकी जाएगी जहा पार्टी का आधार सीमित है। बैठक में भाजपा के जम्मू कश्मीर प्रभारी तरुण चुग, प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना, प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्य मंत्री डा जितेंद्र सिंह, सांसद जुगल किशोर ने नेताओं, कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक गतिविधियों को तेजी देकर जारी वर्ष के अंत तक चुनाव के लिए पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए।

भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में जम्मू संभाग से 25 सीटें जीतकर पहली बार पीडीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी पर कश्मीर संभाग से खाता नहीं खोल पाई थी। जम्मू संभाग के राजौरी-पुंछ जिलों के साथ कश्मीर संभाग में विधानसभा चुनाव को लेकर पूरा जोर लगाएगी। पार्टी ने पहले ही इन इलाकों में आधार रखने वाले अन्य दलों के नेताओं को साथ जोड़ने के लिए अपने अभियान को तेज कर दिया है।

बैठक में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सुनील सेठी के राजनीतिक प्रस्ताव के साथ सुरक्षा पर डा. निर्मल ङ्क्षसह के प्रस्ताव पारित किए गए। राजनीतिक प्रस्ताव में बहुमत से अपनी सरकार बनाने का लक्ष्य तय करने के साथ कोविड महामारी के दौरान जल कल्याण के कार्य, 370 हटने के बाद भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन, केंद्र प्रायोजित योजनाओं की कामयाबी और मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के सहारे जम्मू कश्मीर की जनता के बीच पहुंचने का लक्ष्य तय किया गया।

राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश अध्यक्ष ने अपने संबोधन में अब्दुल्ला व मुफ्ती परिवारों को निशाना बनाते हुए उन पर लोगों को गुमराह करने की स्वार्थी राजनीति करने का आरोप भी लगाया। भाजपा नेताओं ने कहा कि भ्रष्टाचार को शह देने वाली नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी व कांग्रेस से लोगों का मोह भंग हो गया है।

वहीं सुरक्षा पर प्रस्ताव लाने वाले डा. निर्मल ङ्क्षसह ने कहा कि पाकिस्तान के इशारे पर कश्मीर में कुछ नेता सांप्रदायिकता को शह दे रहे है। अनु'छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में बेहतर हो रहे हालात उन्हें रास नही आ रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में विकास व शांति का नया दौर शुरू होने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह के प्रयासों की सराहना की। ऐसे में कश्मीर में देशविरोधी तत्वों को नाकाम बनाने के लिए सुरक्षा के प्रबंधों को और पुख्ता किया जाना जरूरी है।