जागरण संवाददाता, जम्मू : आखिर जम्मू कश्मीर (जेके) बैंक भी आरटीआइ के दायरे में आ गया है। शनिवार को जेके बैंक के नवनियुक्त अंतरिम चेयरमैन राजेश कुमार छिब्बर ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की पहली बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बैंक में जेएंडके आरटीआइ एक्ट 2009 व सीवीसी मापदंड लागू कर दिए। बैंक में 17 जून से आरटीआइ एक्ट व सीवीसी गाइड लाइंस लागू होंगी। बैंक की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता व प्रबंधन को बेहतर व जवाबदेही बनाने के उद्देश्य से बैंक ने यह अहम फैसला लिया है।

श्रीनगर में हुई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की इस बैठक में अन्य डायरेक्टर्स के अलावा प्रोमोटर डायरेक्टर राज्य के वित्तीय आयुक्त डॉ. अरूण कुमार मेहता भी मौजूद रहे। बैंक ने इस पर अधिकारिक पक्ष रखते हुए कहा कि राज्य सरकार के निर्देश मिलने के बाद बैंक की 16 मार्च 2019 को हुई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स मीटिग में ही यह निर्णय ले लिया गया था कि जून महीने से बैंक में आरटीआइ व सीवीसी गाइड लाइंस लागू कर दी जाएंगी।

बैठक में अंतरिम चेयरमैन आरके छिब्बर ने एनपीए पर लगाम कसने व बोर्ड के फैसलों को कठोरता से लागू करने पर बल दिया। इसके अलावा तकनीकी पहलुओं पर भी कुछ निर्णय लिए गए, जिनमें कोर बैंकिग सोल्यूशन को फिनैकल 10 पर लाना भी शामिल था। बैंक प्रबंधन व स्टाफ में विश्वास प्रकट करते हुए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने निवेशकों को विश्वास दिलाया है कि बैंक की नींव मजबूत है और बैंक सुरक्षित है। बैंक के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। पहले भी लिया गया था फैसला पर लागू नहीं हुआ :

राज्यपाल शासन में पिछले वर्ष 22 नवंबर को भी राज्य प्रशासनिक परिषद ने जेके बैंक को आरटीआइ के दायरे में लाने का फैसला किया था। इसका राज्य के विभिन्न वर्गो के लोगों ने स्वागत किया था, लेकिन कश्मीर केंद्रित कुछ राजनीतिक दलों ने इसका विरोध किया था। तब जेके बैंक प्रबंधन ने भी इस आदेश को मानने से इन्कार कर दिया था। इसके चलते यह लागू नहीं हो सका था। गौरतलब है कि राज्य में जेएंडके आरटीआइ एक्ट 2009 में लागू हुआ था।

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Posted By: Jagran

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