श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : कश्मीर में अब आतंकियों के शरणदाताओं की खैर नहीं है। अब उनके खिलाफ आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता का मामला दर्ज कर कठोर कार्रवाई होगी। इसके साथ ही एलओसी पर घुसपैठरोधी तंत्र को मजबूत बनाने के अलावा हाइब्रिड आतंकियों व उनके हैंडलरों के खिलाफ सुनियोजित अभियान चलाया जाएगा। यह उस रणनीति का एक हिस्सा है जो शुक्रवार चिनार कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडेय और पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में हुई कोर सुरक्षा समूह की बैठक में तय की है।

बादाामी बाग स्थित चिनार कोर मुख्यालय परिसर में हुई बैठक में पुलिस, सेना, केंंद्रीय अर्धसैनिकबलों और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि सभी प्रमुख कमांडरों के मारे जाने से हताश आतंकी संगठनों ने निहत्थे नागरिकों को निशाना बनाने व हाइब्रिड आतंकियों के इस्तेमाल की साजिश को अमल में ला रहे हैं। सिर्फ यही नहीं पाकिस्तान में आतंकी शिविर और आतंकी लांचिंग पैड सक्रिय हैं।

आने वाले दिनों में घुसपैठ की कोशिशों में तेजी आएगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक मारे गए 15 आतंकियों में एक भी सुरक्षा एजेंसियों के राडार पर नहीं थे। आतंकी व उनके समर्थक कश्मीर में निर्दाेष लोगों की हत्याओं को सही ठहराने व स्थानीय युवाओं में जिहादी मानसिकता पैदा करने के लिए इंटरनेट मीडिया का निरंतर दुरुपयोग कर रहे हैं इसे रोकना जरूरी है। बैठक में इंटरनेट मीडिया का दुरुपयोग करने, फर्जी खबरों को पर्दाफाश करने और हालात बिगाड़ने में जुटे आतंकियोंं के समर्थकों के खिलाफ रणनीति को भी अंतिम रूप दिया है। सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को और बेहतर बनाने के उपायों पर भी चर्चा हुई है।

कोर समूह के सदस्यों ने संतोष जताया कि राज्य जांच एजेंसी (एसआइए) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई व जुटाई जा रही खुफिया सूचनाओं का असर हो रहा है। हवाला, नशीले पदार्थाें के कारोबार और ओवरग्राउंड वर्करों के खिलाफ कार्रवाई पहले से ज्यादा प्रभावी हो रही है। कोर समूह ने बीते वर्ष के दौरान उपलब्ध खुफिया सूचनाओं और सुरक्षा तंत्र की उपलब्धियों की समीक्षा भी की।

इस दौरान बताया गया कि बीते वर्ष आतंकियों की घुसपैठ, आतंकी हिंसा और आतंकी संगठनों में भती में कमी आयी है। ह्यूमन इंटेलीजेंस नेटवर्क के आधार पर चलाए गए आतंकरोधी अभियानों में नागरिक क्षति अपने न्यूनतम स्तर पनर पहुंच गई है। कानून -व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है। घुसपैठ रोधी तंत्र की निरंतर समीक्षा कर उसे मजबूत बनाया जाए। 

Edited By: Rahul Sharma