जम्मू, जागरण संवाददाता। रोल, कैमरा, एक्शन की गूंज कश्मीर वासियों के लिए नई नहीं है। आतंकवाद से पहले लगभग हर महीने कहीं न कहीं यह गूंज सुनाई देती थी। फिल्मों की शूटिंग के लिए भी कश्मीर को जन्नत माना जाता रहा है। कश्मीर के बाद भद्रवाह, चिनैनी, पत्नीटॉप भी दुनिया के आर्कषण क्षेत्रों में गिना जाने लगा। भद्रवाह में नूरी फिल्म की शूटिंग हुई तो लोगों के दिलों में भद्रवाह की वादियों काे देखने की ललक जागी।

फिल्म जानी दुश्मन आदि फिल्म देखने के बाद चिनैनी, पत्नीटॉप भी दुनियां के सामने आया। फिल्म अवतार में चलो भुलावा आया है माता ने भुलाया है... जैसे भजनों से माता के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंचा दी। हालांकि पहले जब गिनी चुनी ही फिल्में बनती थी तो भी कश्मीर बालीवुड की पहली पसंद बन चुका था। अब हर साल हजारों की संख्या में वेब सीरिज और कई धारावाहिकों की शूटिंग चल रही होती है। जिस तरह से पिछले कुछ महीनों से बालीवुड निर्माता-निर्देशों व संगीतकारों ने यहां शूटिंग का सिलसिला शुरू किया है, उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर जल्द फिर से फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बन जाएगा।

यह सब बदलाव अनुच्छेद 370 की समाप्ति और जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद ही आया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी फिल्म निर्माण से जुड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए फिल्मों को उद्योग का दर्जा देने की तैयारी कर ली है। उससे उम्मीद और भी बढ़ गई है। जम्मू-कश्मीर फिल्म पॉलिसी 2020 के मसौदे में फिल्म क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देना प्रस्तावित है। फिल्म से संबंधित गतिविधियों को भी उद्योग नीति के तहत मिलने वाले लाभ हासिल होंगे। इसकी मांग पहले भी होती रही है। खासकर जम्मू-कश्मीर के कलाकार लंबे समय से मांग करते आ रहे थे कि फिल्म क्षेत्र को उद्योग का दर्जा मिलना चाहिए।

वेब सीरिज महारानी की शूटिंग के लिए खोल दिए विधानसभा के दरवाजे: जम्मू-कश्मीर फिल्म पॉलिसी के ड्राफ्ट को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। प्रशासन फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने को लेकर किस कदर गंभीर है, इसका अंदाजा इस बात से भी लग जाता है कि हाल ही में वेब सीरिज महारानी की शूटिंग के लिए सरकार ने विधानसभा तक को शूटिंग के लिए खोल दिया। सर्किट हाउस, ऐतिहासिक जीजीएम साइंस कालेज तक शूटिंग के लिए खोल दिए गए।

250 से अधिक कलाकारों को मिला काम करने का मौका: वेब सीरिज महारानी में जम्मू के करीब 250 कलाकारों को काम करने मौका मिला। जम्मू-कश्मीर बॉलीवुड के लिए हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां के कलाकारों का कहना है कि यदि इसी तरह बालीवुड के प्रसिद्ध निर्माता यहां आते रहे तो उन्हें भी अपना अभिनय दिखाने को बेहतर प्लेटफार्म मिलेगा। प्रस्तावित नई फिल्म नीति में फिल्मी दुनिया से जुड़े लोगों के लिए विशेष प्रावधान रखे गए हैं। जम्मू-कश्मीर फिल्म विकास परिषद बनने के बाद फीचर और नॉन फीचर फिल्मों समेत डिजिटल और टेलीविजन शो बनाने में सरकार की ओर से आर्थिक मदद भी मुहैया कराई जाएगी।

बालीवुड को जम्मू-कश्मीर में लाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयास: फरवरी में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बॉलीवुड के नामी फिल्म मेकर्स से मुलाकात की। इनमें एकता कपूर, नितेश तिवारी, इम्तियाज अली, महावीर जैन, संजय त्रिपाठी, अश्विनी अय्यर शामिल थे। इस मुलाकात का एक ही उद्देश्य था कि जम्मू-कश्मीर में बॉलीवुड को फिल्म निर्माण के लिए आमंत्रित किया जा सके। इसी का परिणाम है कि आने वाले दिनों जल्द चार प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने वाला है। सभी को यह आश्वासन दिया गया कि उन्हें कश्मीर में सुरक्षित माहौल मिलेगा। इसी के चलते जब जम्मू में महारानी की शूटिंग चल रही थी तो एसएसपी तक शूटिंग के दौरान मौजूद रहे। सबसे बड़ी बात यह है कि जम्मू-कश्मीर का मौसम और प्राकृतिक नजारे हर मौसम में अलग होते हैं। हर जगह की अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ अलग-अलग माैसम हैं। 

प्रसिद्ध रैपर बादशाह, जुबिन नौटियाल भी फिल्मा चुके हैं अपने गाने: कश्मीर की बर्फ से ढकी पहाड़ियां हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। बर्फ की सफेद चादर में लिपटे कश्मीर के पहाड़ और उन पर पड़ती सूरज की रोशनी, यह नजारा आंखों में बसाने वाला है। घाटी की इस खूबसूरती को प्रसिद्व रैपर बादशाह अपने गाने में फिल्मा चुके हैं। इसी वर्ष कश्मीर में बर्फबारी के दौरान बादशाह ने शहनाज गिल और उचाना अमित के साथ फ्लाई गीत को फिल्माया था। उनके अलावा बालीवुड के प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल ने भी कश्मीर की खूबसूरती को अपनी एलबम तुझे भूलना तो चाहा.. में दर्शाया है। उनके गाने व कश्मीर की खूबसूरती को दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं।

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