श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए प्रत्येक पंचायत में 30 सितंबर तक एक ग्राम सभा करें। जम्मू संभाग में यहां ग्राम सभाएं 23 सितंबर को आयोजित की जाएगी। दो अक्टूबर को प्रत्येक गांव और पंचायत में प्लास्टिक कचरा जमा करने के लिए श्रमदान के अलावा स्थान विशेष भी चिन्हित किया जाए। इसी माह के अंत तक औद्योगिक क्षेत्रों और मेडिसिटी जैसी परियोजनाओं के लिए जिला उपायुक्त जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया को पूरा करें। उक्त निर्देश मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने मंगलवार को जम्मू कश्मीर के तीनों प्रांतों जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के सभी जिलों के उपायुक्तों से हुई एक बैठक में दिए।

बैठक में मुख्य सचिव ने निकट भविष्य में होने वाले खंड विकास परिषद (बीडीसी) के चुनावों, गांव की ओर कार्यक्रम के कार्यान्वयन, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, सर्दियों के लिए विभिन्न इलाकों में आवश्यक वस्तुओं के भंडारण और सेब खरीद प्रक्रिया व राज्य में विभिन्न विकास परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। सभी जिला उपायुक्तों ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। मुख्य सचिव ने जिला उपायुक्तों को बैक टू विलेज (गांव की ओर) कार्यक्रम के तहत उपलब्ध करवाए पांच-पांच करोड़ रुपये के अनुदान का समुचित इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह राशि गांवों में विकास को गति देने व लोगों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए है। यह राशि 14वें वित्तायोग द्वारा पंचायतों को उपलब्ध करवाए 800 करोड़ के अतिरिक्त है।

अक्टूबर 2019 से पूर्व होंगे बीडीसी चुनाव

मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने सभी जिला उपायुक्तों को निकट भविष्य में प्रस्तावित बीडीसी चुनावों के लिए सभी तैयारियों को जल्द अंतिम रूप देने को कहा। उन्होंने कहा कि इन चुनावों की आवश्यक अधिसूचना जल्द जारी होने वाली है। यह पूरी प्रक्रिया अक्टूबर से पहले ही संपन्न करवाई जाएगी।

मेडिसिटी के लिए चिन्हित करें जमीन

मुख्य सचिव ने कहा कि कश्मीर, जम्मू और लद्दाख के मंडलायुक्त अपने-अपने कार्याधिकार क्षेत्र में प्रत्येक जिले में सरकारी जमीन की उपलब्धता की समीक्षा करें। प्रत्येक संभाग में भू-बैंक बनाया जाए, ताकि प्रत्येक जिले में औद्योगिक क्षेत्रों और मेडिसिटी जैसी बड़ी परियोजनाएं स्थापित हो सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी जिला उपायुक्त सितंबर के अंत तक जमीन को चिन्हित करें। उन्होंने बांडीपोर और रामबन के जिला उपायुक्तों को डिग्री कॉलेजों की स्थापना के लिए और बारामुला, ऊधमपुर, राजौरी, रामबन व पुलवामा के जिला उपायुक्तों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अंतर्गत पुलिस स्टेशनों की स्थापना के लिए जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए।

 सभी जिले अल्पसंख्यक आबादी वाले, लागू होगी पीएमजेवीके

मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने सभी जिला उपायुक्तों को डिजिटल विलेज कार्यक्रम के तहत अपने अपने प्रस्ताव दाखिल करने का निर्देश दिया। उनहोंने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत आदर्श जनजातीय गांव कार्यक्रम की योजना भी मांगी। पीएमजेवीके देश के उन इलाकों के लिए शुरु की गई है जहां अल्पसंख्यक हैं और विकास की दृष्टि से पिछड़े हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि जम्मू कश्मीर के सभी 22 जिलों को अल्पसंख्यकों की आबादी वाले पिछडे इलाकों की श्रेणी में शामिल किया गया है। इनके विकास के लिए हर वर्ष आठ करोड़ रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी। उन्होंने मंडलायुक्त जम्मू को पीएम किसान योजना की समीक्षा के लिए भी कहा।

जल्द जारी करें ईडब्ल्यूएस

मुख्य सचिव ने राज्य के विभिन्न जिलों में आॢथक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से संबंधित लोगों को समय पर प्रमाणपत्र जारी न होने की शिकायतों का जिक्र करते हुए सभी उपायुक्तों को प्रक्रिया जल्द शुरु करने को कहा। उन्होंने कहा कि योग्य लोगों का ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र जल्द जारी किया जाए, ताकि संबधित वर्गोंं के युवाओं को वर्ष 2019-20 के दौरान एमबीबीएस और बीडीएस के पाठयक्रमों में संबंधित कोटे के तहत प्रवेश मिल सके। इसके लिए उपायुक्त पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित कर सकते हैं।

मंडलायुक्त जम्मू को निर्माण सामग्री की उपलब्धता की समीक्षा करने का निर्देश

मुख्य सचिव ने पीडब्ल्यूडी (आरएंडबी), पीएचई तथा पीडीडी क्षेत्र में विकास कार्यों को नया प्रोत्साहन देने पर बल देते हुए उपायुक्तों से पीएमजीएसवाई परियोजनाओं सहित कार्यों की निगरानी के लिए कहा। उन्होंने मंडलायुक्त जम्मू को जम्मू संभाग में निर्माण सामग्री की उपलब्धता की समीक्षा करने के लिए कहा। उन्होंने मंडलायुक्त लद्दाख को डीसी लेह, डीसी कारगिल तथा संबंधित अधिकारियों के साथ आवश्यक सामग्री और सर्दियों के लिए आवश्यक वस्तुओं के भंडारण की स्थिति की तत्काल समीक्षा करने के निर्देश दिये।

डीसी रामबन राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति की करें निगरानी

मुख्य सचिव ने जिला डीसी रामबन को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति की नियमित रूप से समीक्षा और निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि वह संवेदनशील स्थानों पर यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक पग उठाए। उन्होंने कहा कि सर्दियों के दौरान अक्सर हाइवे पर ट्रैफिक जाम और रास्ता बंद होने की समस्या को हल किया जाना चाहिए। पीडीडी को सर्दियों के दौरान बिजली के संबंध में अग्रिम तैयारी करने और क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों के बदलाव के लिए ट्रांसफार्मर बैंक भी बनाने को कहा।

सेब खरीद के लिए एमआइपीएस को बनाएं कामयाब

वादी में सेब उत्पादकों के लिए मौजूदा सीजन के दौरान माॢकट इंटरवेंशन प्राइस स्कीम (एमआइपीएस) के तहत शुरू की गई सेब की खरीद की योजना का भी मुख्य सचिव ने जायजा लिया। उन्होंने संबंधित जिला उपायुक्तों को सेब उत्पादकों को हर संभव सहायता प्रदान के निर्देश दिए, ताकि वे अपने उत्पाद का सुचारू रूप से संग्रह कर सोपोर, पारिम्पोरा, शोपियां और बटेंगू की मंडियों में बेच सके। 

Posted By: Preeti jha

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