श्रीनगर, राज्य ब्यूरो । कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित व दूरदराज इलाकों के युवाओं को यूपीएससी समेत देश की विभिन्न परीक्षाओं में भाग लेकर अपना व समाज का भविष्य संवारने के लिए बुक बाबा उन्हें निशुल्क पुस्तकें बांट रहे हैं। दरअसल, अपने दबंग अंदाज के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले जम्मू कश्मीर कैडर के आइपीएस अधिकारी बसंत रथ ने इन दिनों कश्मीर में एक अनूठी मुहिम शुरू कर रखी है। बसंत रथ ने गूगल पर बुक बाबा के नाम से पेज बनाया है। उनका कहना है कि जो भी नीट, जेईई, यूजीसी या यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें चाहता है, बुक बाबा के माध्यम से मुझसे सीधा संपर्क कर सकता है। कश्मीर में बड़ी संख्या में युवा किताबें पाने के लिए उनसे संपर्क कर रहे हैं।

गूगल पर बनाया पेज 

महानिरीक्षक रैंक के पुलिस अधिकारी बसंत रथ ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर भी इसकी जानकारी दी है। उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल पर किताबों की फोटो शेयर की हैं। इसके साथ उन्होंने लिखा, जिस किसी को भी परीक्षा की तैयारी के लिए पुस्तकें चाहिए, अपना पूरा पता और मोबाइल नंबर निर्धारित फार्मेट में सीधा मुझे मैसेज करें। सब्र का फल किताब होता है। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि मित्रों अगर आप कुपवाड़ा, कुलगाम, अनंतनाग, पुलवामा या शोपियां से हैं और आप इन किताबों को पाना चाहते हैं तो आप मेरे निवास पर रविवार को दोपहर एक बजे से तीन बजे तक आ सकते हैं। आपसे कोई सवाल-जवाब नहीं होगा, सिर्फ आपको आपके मतलब की किताब दी जाएंगी। मूलत: ओडिशा के रहने वाले बसंत रथ एसएसपी जम्मू और आइजी ट्रैफिक जम्मू कश्मीर भी रह चुके हैं। इस समय वह होम गार्ड सिविल डिफेंस एंड स्टेट रिस्पांस फोर्स कमांडेंट जरनल कार्यालय में अटैच हैं।

ताकि संसाधनों की कमी से कोई छात्र पीछे न रहे 

बसंत रथ ने कहा कि जम्मू कश्मीर के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले विद्यार्थी बहुत प्रतिभाशाली हैं, लेकिन वह संसाधनों की कमी के चलते अक्सर पीछे रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि मेरे इस अभियान का मकसद ऐसे सभी छात्रों तक पहुंचना है, जो उचित कोचिंग और आवश्यक पाठय सामग्री के अभाव में प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने से वंचित रह जाते हैं।

संडे मार्किट में लगवाते हैं निशुल्क किताबों का स्टाल 

ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में रविवार को सजने वाले संडे मार्किट में अक्सर छात्रों के लिए निशुल्क किताबों का स्टाल लगवाने वाले बसंत रथ ने कहा कि मेरा प्रयास है कि कुछ ऐसी व्यवस्था हो, जिससे वादी के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले विद्यार्थियों को किताबें लेने के लिए मेरे पास यहां श्रीनगर न आना पड़े। मैं कोई ऐसी कूरियर सेवा की तलाश में हूं जो घाटी में आर्डर प्राप्ति के दिन ही किताबें पहुंचा सके।

बहुत से दोस्त कर रहे हैं मेरी मदद 

निशुल्क किताबों के वितरण के लिए धनराशि के बारे में पूछे जाने पर बसंत रथ ने कहा कि इसमें बहुत से दोस्त मदद कर रहे हैं। यह दोस्त नहीं चाहते कि उनकी पहचान उजागर हो, उनकी निजता भंग हो। वह गुमनाम रहना चाहते हैं। इसलिए मैं उनकी भावना का सम्मान करते हुए किसी का नाम नहीं लेना चाहता।

जम्मू की उपेक्षा के आरोप पर बसंत विचलित नहीं 

सोशल मीडिया पर कुछ लोग बसंत रथ को जम्मू की उपेक्षा के लिए लताड़ते हुए उन पर सिर्फ कश्मीरियों का हमदर्द होने का आरोप लगा रहे हैं। लेकिन वह इससे विचलित नहीं हैं। रथ ने कहा कि मुझे इन आरोपों का जवाब देने की जरूरत नहीं है। मैं नकारात्मक लोगों पर अपनी ऊर्जा क्यों जाया करूं, मुझे सिर्फ सकारात्मक कार्य करने हैं, जिससे दूसरों की नकारात्मकता भी सकारात्मक ऊर्जा में बदले।

Posted By: Rahul Sharma

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