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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कश्मीर में नौसेना का प्रशिक्षण केंद्र 33 साल बाद फिर बहाल, मानसबल झील में एनसीसी के 100 कैडेट ले रहे प्रशिक्षण

By Rahul SharmaEdited By:
Published: Thu, 15 Sep 2022 07:40 AM (IST)

आतंकी हिंसा शुरू होने से पहले जम्मू-कश्मीर में एनसीसी कैडेट के लिए नौसेना का प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र मानसबल झील में ...और पढ़ें

लोगों में आतंकियों का खौफ खत्म हो चुका है।
लोगों में आतंकियों का खौफ खत्म हो चुका है।

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : भारतीय नौसेना ने मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले की मानसबल झील में अपना प्रशिक्षण केंद्र फिर बहाल कर दिया है। अब यहां एनसीसी कैडेट को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य में सुधार पर बड़ी मुहर है। आतंकी हिंसा के चलते 33 वर्ष पहले 1989 में इसे बंद करना पड़ा था। तब इसे जम्मू संभाग के ऊधमपुर जिले में स्थित मानसर झील में स्थानांतरित कर दिया गया था।

मानसबल में नौसेना का प्रशिक्षण केंद्र फिर शुरू होना गौरव की बात है। यह कश्मीर के लिए एक ऐतिहासिक पल है, जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार था। आतंकी हिंसा शुरू होने से पहले जम्मू कश्मीर में एनसीसी कैडेट के लिए नौसेना का प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र मानसबल झील में ही था। यह झील श्रीनगर से करीब 30 किलोमीटर दूर है। एनसीसी ग्रुप श्रीनगर के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर केएस कलसी ने कहा कि कश्मीर में हालात अब सुधर चुके हैं।

लोगों में आतंकियों का खौफ खत्म हो चुका है। एनसीसी कैडट व अन्य लोगों के आग्रह पर नौसेना का यह प्रशिक्षण केंद्र फिर से बहाल किया गया है। मानसबल विकास प्राधिकरण ने झील के सामने के हिस्से में हमें आवश्यक ढांचागत सुविधाएं और एक शिविर आयोजित करने के लिए जगह उपलब्ध कराई है। मानसर झील से प्रशिक्षण के लिए दो नौकाएं भी यहां लाई गई हैं।

एनसीसी के 100 कैडेट ले रहे प्रशिक्षण : ब्रिगेडियर कलसी ने कहा कि मानसबल प्रशिक्षण केंद्र को शुरू करने के साथ ही यहां एनसीसी के नौसेना विंग का एक शिविर भी आयोजित किया है। इसमें जम्मू कश्मीर के विभिन्न कालेजों के करीब 100 कैडेट भाग ले रहे हैं। इनमें लड़कियां भी हैं। यह पहला शिविर है। यह 26 सितंबर तक चलेगा। यहां एनसीसी कैडेट को बोट पुलिंग, सेलिंग, सिग्नलिंग और शिप माडलिंग में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें भाग ले रहे कैडेट को दो अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में होने वाले राष्ट्रीय एनसीसी कैंप के लिए तैयार किया जा रहा है।

कश्मीर में एनसीसी ने 1965 में शुरू की थीं गतिविधियां : ब्रिगेडियर कलसी ने बताया कि कश्मीर में एनसीसी ने अपनी गतिविधियां 1965 में शुरू की थीं। वर्ष 1989 में यहां आतंकी हिंसा शुरू होने पर एनसीसी के नौसेना ङ्क्षवग को मानसबल में अपना केंद्र बंद कर मानसर ले जाना पड़ा था। अब इसे फिर से बहाल किया गया है। इसके पहले कश्मीर से कैडेट को मानसर ले जाया जाता था। एनसीसी की गतिविधियों और इसके उद्देश्य की बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह राष्ट्र निर्माण का एक बड़ा साधन है। एनसीसी सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए युवाओं को प्रेरित और प्रशिक्षित करती है।