राज्य ब्यूरो, जम्मू : इंकम टैक्स विभाग ने जम्मू कश्मीर बैंक घोटाले से जुड़े एक मामले में कश्मीर आधारित एक व्यापारिक समूह के ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान 1.28 करोड़ मूल्य की नकदी व गहने ऐसे जब्त किए गए, जिनका कोई भी हिसाब नहीं था।

हाल ही में जम्मू कश्मीर के एंटी क्रप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने जेके बैंक के पूर्व चेयरमैन के खिलाफ लोन देने और नियमों के बगैर नियुक्तियां करने के मामले में कार्रवाई शुरू की थी। सेंटर बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज के अनुसार, इसी से संबंधित एक ऐसे समूह के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है जिसका काम जम्मू कश्मीर के निजी संस्थानों, होटलों व अन्य जगहों में सुरक्षा उपलब्ध करवाना है। हालांकि विभाग ने समूह का नाम बताने से इन्कार कर दिया, लेकिन इतना बताया कि सर्वे में 1.28 करोड़ के गहने और नकदी ऐसी बरामद हुई, जिसका कोई हिसाब नहीं था। यह सब इस समूह के प्रोमोटर के पास से मिला। सेंटर बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज इंकम टैक्स विभाग के लिए नीति बनाता है।

कश्मीर आधारित इस समूह पर आरोप है कि इसने बैंकों (जिसमें जेके बैंक भी शामिल है) के अधिकारियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की है। प्रोमोटर के फायदे के लिए समूह ने संदिग्ध मेडिकल कॉलेजों व होटलों के नाम पर रुपये लिए हैं। सर्वे में यह भी समने आया कि समूह ने 200 करोड़ रुपयों से अधिक के लोन बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से लिए। बाद में यह सभी एनपीए बन गए। यही नहीं, प्रोमोटर द्वारा करोड़ों रुपयों की हेराफेरी भी सामने आई है। टैक्स के नियमों की अवहेलना की गई है। जमीन का एक टुकड़ा परिवार के एक सदस्य को ही 35 लाख रुपये में बेचा। मुंबई में एक ऐसे होटल के बारे में बताया गया कि उसके 60 कमरे बन गए हैं और काम भी शुरू हो गया, लेकिन सर्वे में सामने आया कि अभी होटल का काम जारी है और निकट भविष्य में पूरा होने वाला नहीं है। समूह ने फर्जी लोगों को रखा और उनके नाम पर चेक भी काटे। इन लोगों को यह दिखाया गया कि वह निजी संस्थानों में सुरक्षा देते हैं। सेंटर बोर्ड आफ डायरेक्ट टैक्सेज ने कहा कि प्रोमोटर और समूह का प्रमुख ट्रस्टी पंजाब में एक मेडिकल कॉलेज चलाता था, जो अब बंद हो गया है और उसमें भी धांधलियां थीं।

जेके बैंक के पूर्व चेयरमैन नेंगरू के खिलाफ मामला दर्ज

जम्मू कश्मीर बैंक में हुए घोटालों की जांच कर रहे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बैंक के पूर्व चेयरमैन परवेज अहमद नेंगरू के खिलाफ एक निजी क्षेत्र की बीमा कंपनी इफ्को टोकियो के साथ नियमों को तो पर रखकर समझौता कर बैंक को नुकसान पहुंचाने के सिलसिले में मामला दर्ज कर लिया है। एसीबी के मुताबिक, बीमा कंपनी में परवेज अहमद नेंगरू का एक रिश्तेदार कार्यरत है। यह समझौता परवेज अहमद के बैंक में चेयरमैन रहते हुए हुआ है।

Posted By: Rahul Sharma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस