श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : जम्मू कश्मीर में भूमि दस्तावेजोें से छेड़छाड़ अब नहीं हो पाएगी। कोई भी अपने मकान, दुकान, खेत-खलिहान के दस्तावेजों की जब चाहे आनलाइन जांच कर सकता है। इसे संभव बनाया है आपकी जमीन-आपकी निगरानी-भूमि रिकार्ड सूचना प्रणाली ने।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को इस प्रणाली का शुभारंभ किया। इसके तहत कोई भी नागरिक सीआइएस पोर्टल लैंडरिकार्डस.जेके.जीओवी.इन पर जमीन के कागजात की जांच कर सकता है। सरकार की पहल से भूमि रिकार्ड के साथ किसी तरह की छेड़खानी की संभावना लगभग खत्म हो जाएगाी। राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली व कार्यक्षमता में व्यापक सुधार आएगा।

उपराज्यपाल ने कहा कि डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (डीआइएलआरएमपी) के तहत शुरू की आपकी जमीन आपकी निगरानी योजना आम लोगों के लिए सबसे अहम सेवा है। सभी जिला उपायुक्त और राजस्व विभाग के अधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए मुबारक देते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में शासन प्रणाली को वास्तव में पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की यात्रा तब तक नहीं रुकेगी जब तक कि इसे हर क्षेत्र में पूरी तरह से हासिल नहीं कर लिया जाता।

खनन विभाग के वेब पोर्टल का उद्घाटन किया

मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता ने शुक्रवार को आवेदक और विभाग के बीच सिंगल टच प्वाइंट प्रदान करने और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए भूविज्ञान और खनन विभाग के ई-सेवा वेब पोर्टल का उद्घाटन किया। ई-सेवा पोर्टल पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से नागरिकों/व्यवसायों को चैबीसों घंटे सेवाएं सुनिश्चित करेगा। आनलाइन आवेदन के लिए तैयार किया गया पोर्टल खनिज उद्यमियों को खनिज डीलर लाइसेंस/खदान लाइसेंस के अनुदान और नवीनीकरण, निजी भूमि के लिए खनन पट्टों का अनुदान, खनन पट्टेदारों/एमडीएल धारकों द्वारा मासिक रिटर्न, वार्षिक रिटर्न के लिए ऑनलाइन सुविधाएं प्रदान करने के अलावा अल्पावधि/निपटान परमिट जैसी सेवाएं लेने में सुविधा प्रदान करेगा। 

जिला सुशासन सूचकांक को मिली मंजूरी

मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने जम्मू कश्मीर के सभी जिलों में जिला सुशासन सूचकांक को लागू करने को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार के प्रशासनिक सुधार और जन शिकायत विभाग के प्रयासों से सुशासन की प्रगति का जायजा लेने के लिए फैसला किया है। मुख्य सचिव मेहता ने केंद्र सरकार के प्रशासनिक सुधार और जन शिकायत विभाग के विशेष सचिव श्रीनिवास के साथ आनलाइन उच्च स्तरीय बैठक की। सरकार इस समय 10 विकास क्षेत्रों, 58 सूचक और 116 डाटा सेट को मंजूरी दे चुकी है। हर जिले का डाटा इकट्ठा किया जाएगा और राज्य व केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर इसका मूल्यांकन होगा। यह फैसला किया डाटा इकट्ठा करने के बाद उसे प्रकाशित किया जाएगा। देश में जम्मू कश्मीर पहला केंद्र शासित प्रदेश होगा जो जिला सुशासन सूचकांक को जारी करेगा। सूचकांक को जनवरी-फरवरी 2022 में प्रकाशित किया जाएगा।

बैठक में सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस हैदराबाद के निदेशक डा. शब्बीर शेख ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए जिला सुशासन सूचकांक पर जानकारी दी। इस समय सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस हैदराबाद केंद्र सरकार के प्रशासनिक सुधार और जन शिकायत विभाग को सहयोग दे रहा है। जम्मू कश्मीर इंस्टीट््यूट आफ मैनेजमेंट पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट के सहयोग से योजना एवं स्टैटस्टिक्स विभाग कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि सूचकांक को विकसित करने के लिए काम कर रहा है। इससे जम्मू किए जा रहे विकास कार्यों के बारे में जानकारी मिल सकेगी।

Edited By: Rahul Sharma