जम्मू,राज्य ब्यूरो। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सरकार का ध्यान महिला सशक्तिकरण की तरफ है। महिलाओं को विभिन्न योजनाओं का लाभ देकर आत्मनिर्भर ही नहीं बनाया जा रहा है बल्कि कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर जुटाने में मदद की जा रही है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में सरकार हर क्षेत्र में प्रगति करने के अवसर प्रदान कर रही है। महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही। महिला सशक्तिकरण और तकनीकी क्षेत्र में उनकी भागीदारी मजबूत समाज बनाने के लिए जरूरी है।

पहली बार सरकार ने ऐतिहासिक फैसला किया है कि बाहरी राज्यों में जिन महिलाओं की शादी हुई है, वे भी डोमिसाइल की हकदार हैं। इसके लिए जम्मू कश्मीर डोमिसाइल नियमों में संशोधन किया गया। हाल ही में उपराज्यपाल ने जम्मू कश्मीर के पहले महिला साइकिलिंग क्लब वूमेन डू प्राइड के सदस्यों के साथ बैठक की। उन्होंने महिलाओं से कहा कि सुशासन, बिजनेस व अन्य क्षेत्रों में महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कदम उठाए गए हैं। समाज में महिला सशक्तिकरण से जम्मू कश्मीर के विकास में बदलाव आएगा। जम्मू-कश्मीर सरकार कर संभव कोशिश कर रही है कि हमारी बेटियां ज्ञान, कौशल व आत्मविश्वास में पूर्ण हो। शासन में उन्हें हर स्तर पर शामिल किया जाए।

आल इंडिया काउंसिल फार टेक्निकल एजुकेशन की स्कालरशिप, जम्मू कश्मीर सरकार की योजनाएं हौसला, तेजस्वनी, उम्मीद, एलजी सुपर 75, परवाज, मुमकिन व अन्य प्रयास महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हैं। सरकार का ध्यान इस बात पर है कि महिला सशक्तिकरण की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर उन्हें आर्थिक विकास में अवसर प्रदान किए जाएं। साल 2021 में कश्मीर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कुल 94 गोल्ड मैडल थे जिसमें 77 प्रतिशत या 66 लड़कियां थी। इस्लामिक यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी अवंतीपोरा के दीक्षांत समारोह में भी गोल्ड मैडल हासिल करने वाली अधिकतर लड़कियां थी। 

Edited By: Vikas Abrol