कठुआ में मखनदीन के परिजनों से मिलीं इल्तिजा, जम्मू में पुलिस ने लिया हिरासत में; मौत की न्यायिक जांच कराने की मांग
जम्मू-कश्मीर में पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इल्तिजा मुफ्ती कठुआ जिले के बिलावर में मखनदीन के स्वजनों से मिलने गई थीं। मखनदीन ने हाल ही में कथित तौर पर पुलिस यातना के बाद आत्महत्या कर ली थी। इल्तिजा मुफ्ती ने मखनदीन की मौत की ज्यूडिशियल जांच की मांग की है। साथ ही एनसी पर जमकर हमला किया।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती रविवार को कठुआ जिले के बिलावर में मखनदीन के स्वजनों से मिलने के बाद जम्मू पहुंची, लेकिन यहां पर पुलिस ने उन्हें सर्किंट हाउस से बाहर नहीं आने दिया। इस पर इल्तिजा और महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सर्किंट हाउस में इल्तिजा को हिरासत में ले लिया और उन्हें पत्रकारों से बातचीत नहीं करने दी। इसी बीच इल्तिजा ने मखनदीन की मौत की ज्यूडिशियल जांच करवाने की मांग की।
इल्तिजा ने रविवार को उस युवक के परिवार से मुलाकात की, जिसने हाल ही में जम्मू संभाग के कठुआ जिले में आतंकियों के साथ संदिग्ध संबंधों को लेकर पुलिस द्वारा कथित यातना के बाद आत्महत्या कर ली थी। कठुआ के बिलावर इलाके के एक गुज्जर युवक मखनदीन ने बीती मंगलवार शाम को अपने घर पर कीटनाशक पीकर जान दे दी।
उसने खुद को निर्दोष बताते हुए एक वीडियो में इस कृत्य को रिकॉर्ड किया। उसने आतंकियों के साथ किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया। इसके बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने अलग-अलग जांच शुरू कर दी।
'क्या इसी के लिए चुनाव करवाए गए थे'
रविवार की सुबह मखनदीन के स्वजनों से मिलने के बाद इल्तिजा दोपहर को जम्मू के सर्किंट हाउस में पहुंची और वहां उन्होंने पत्रकार वार्ता करनी चाहिए लेकिन पुलिस ने उन्हें ऐसा नहीं करने दिया और सर्किंट हाउस में ही रोक लिया। इल्तिजा के आग्रह करने के बावजूद पुलिस ने उन्हें पत्रकारों से बात नहीं करने दी।
इस पर इल्तिजा भड़क गई और उमर सरकार पर भी जमकर बरसीं। इल्तिजा ने कहा कि वह दिल्ली में खाना खा रहे हैं, लेकिन जिन लोगों ने उन्हें जिताया, उनकी उन्हें परवाह नहीं है। क्या इसी के लिए चुनाव करवाए गए थे? उन्हें पत्रकार वार्ता नहीं करने दी गई। नए कश्मीर में यही सच्चाई है।
'पुलिस का काम दहशत फैलाना नहीं'
उन्होंने बिलावर मामले की न्यायिक जांच करवाने की मांग की। बिलावर के थाना प्रभारी पर भी कई आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ भी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हैं यह नहीं चाहते थे कि बिलावर में हुए मानवाधिकार का मामला लोगों के सामने आए। वहां के थाना प्रभारी गैंग चला रहे हैं।
मैं दिल्ली से यह पूछना चाहती हूं कि क्या ऐसे दिलों की दूरी दूर होगी। यह मुझसे ऐसे व्यवहार कर रहे हैं जैसे कि मैं कोई गैंग चला रही हूं। असली मुद्दों को नहीं उठाने दिया जा रहा। नेंका के मंत्री को जाने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस कानून का पुलिस को संरक्षण करना है, उसका उल्लंघन कर रहे हैं। पुलिस का काम दहशत फैलाना नहीं है।
इल्तिजा को किस गुनाह का दिया गया दंड़
वहीं, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा इल्तिजा मुफ्ती को हिरासत में लेने की कड़ी आलोचना की। एक्स पर एक पोस्ट में महबूबा ने कहा कि पीड़ितों के परिवारों से मिलना और उन्हें सांत्वना देना अब अपराध बना दिया गया है।
यह पुलिस की नवीनतम कार्रवाइयों से स्पष्ट है, जिन्होंने इल्तिजा को जम्मू के सर्किट हाउस में हिरासत में लिया है। उन्हें एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करने से रोका है। स्वतंत्र नागरिकों के रूप में हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों की यह घोर उपेक्षा एक परेशान करने वाली प्रवृत्ति को उजागर करती है।
ऐसा प्रतीत होता है कि सत्तारूढ़ दल की लोकतंत्र के बारे में समझ केवल चुनाव कराने और सरकार बनाने तक ही सीमित है। महबूबा ने एक्स पर कहा बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और विडंबनापूर्ण है कि एक नेकां मंत्री की बिलावर यात्रा को पुलिस ने संभव बनाया और इल्तिजा को उसी के लिए दंडित किया जा रहा है।
नेकां ने एलजी पर आरोप लगा झाड़ लिया पल्ला
इससे पहले पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर लिखा कि आखिरकर इल्तिजा मखनदीन के शोक संतप्त परिवार से मिलने के लिए कठुआ के बिलावर पहुंचने में कामयाब रहीं। यह बहुत दुखद है कि इल्तिजा को पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए इतनी सारी बाधाओं को सहना पड़ा और एक भगोड़े की तरह सफर करना पड़ा।
सत्तारूढ़ दल ने आसानी से सभी मुद्दों को उपराज्यपाल के सिर मढ़कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने लिखा कि एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में पीडीपी हमेशा लोगों को सांत्वना देने के लिए उन तक पहुंचने का प्रयास करेगी।

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