श्रीनगर, जेएनएन। जिला श्रीनगर आतंकवाद मुक्त नहीं है। हम ऐसा नहीं कह सकते और इसके कई कारण है। अगर किसी जिले में कभी मुठभेड़ नहीं होती है तो यह नहीं कहा जा सकता कि वहां आतंकवादी मौजूद नहीं है। आतंकवादी अपना ठिकाना अकसर बदलते रहते हैं। पुलिस हमेशा इसी प्रयास में रहती है कि किसी न किसी तरह वे आतंकवादियों की गतिविधियों पर नजर रखें, जहां कभी से भी उन्हें आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली है। पुलिस, सेना ओर सीआरपीएफ के जवान उनकी धरपकड़ के लिए संयुक्त ऑपरेशन चलाते हैं। उन्हें आत्मसमर्पण का मौका दिया जाता है, जब वे नहीं मानते तो उन्हें मार गिराया जाता है।

यह बात कश्मीर रेंज के आइजी विजय कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए कही। वह गत वीरवार को मालबाग मुठभेड़ में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि श्रीनगर ऐसा शहर है जहां आतंकवादी अकसर स्वास्थ जांच, किसी से मिलने या फिर रूपये हासिल करने के लिए आते रहते हैं। ऐसे में श्रीनगर को आतंकवाद मुक्त नहीं कहा जा सकता। हमारे गुप्तचर उन पर नजर रखे हुए हैं। सूत्रों से जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि इन्हीं सूचनाओं के आधार पर उन्होंने घाटी में सक्रिय तीनों आतंकवादी संगठनों के 12 टाॅप आतंकवादियों की सूची तैयार की है। उनकी तलाश की जा रही है।

"जब तक आतंकवादी घाटी में मौजूद हैं तब तक श्रीनगर आतंकवाद मुक्त नहीं हो सकता। "मैं स्पष्ट कर दूं, श्रीनगर में कोई आतंकवादी हमला नहीं हुआ है। हालांकि श्रीनगर के साथ लगते इलाकों में एक सप्ताह के भीतर तीन मुठभेड़ हुई। पुलिस और सीआरपीएफ की सक्रिय कार्रवाई के चलते आतंकी मंसूबों को विफल बना दिया गया। मालबाग मुठभेड़ का जिक्र करते हुए आइजी ने कहा कि गत रात पुलिस को आतंकवादियों की मौजूदगी सूचना मिली थी। सीआरपीएफ और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाते हुए इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। छिपे आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान एक सीआरपीएफ जवान घायल हो गया। घायल होने के बावजूद सीआरपीएफ जवान डटा रहा और उसने एक आतंकवादी को मार गिराया। बाद में सीआरपीएफ जवान ने भी इलाज के दौरान जख्मों का ताव न सहते हुए दम तोड़ दिया।

उन्होंने बताया कि मारा गया आतंकवादी जेकेआइएस का चीफ जाहिद दास था। उसके अधीन पांच आतंकवादी हैं। यावर और एक अन्य को पहले ही सुरक्षाबलों ने गत 30 जून को वगामा बिजबेहाड़ा मुठभेड़ में मार गिराया गया। यानी तीन आतंकवादी मार गिराए गए हैं, अब बस दो आतंकवादी ही जिंदा बचे हैं। आइजी ने कहा कि दास भी उन 12 टाॅप आतंकवादियों की सूची में शामिल था, जो पिछले दिनों सुरक्षाबलों ने तैयार की है। दास का मरना हमारे लिए बड़ी सफलता है

आइजी ने कहा कि हिज्बुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मुहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के 12 टॉप कमांडर पुलिस के रडार पर हैं। इनमें हिजबुल के पांच, लश्कर के तीन और जैश के चार शामिल हैं। "हमने पहले ही उनके नामों की घोषणा कर दी है और उन्हें ट्रैक किया जा रहा है।

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