जम्मू, जेएनएन : जम्मू में बार्डर पूरी तरह से सुरक्षित हैं। पड़ोसी देश ने कई बार घुसपैठ के प्रयास किए परंतु हर बार उन्हें मुंह की खानी पड़ी है। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आतंकवादियों ने सात बार घुसपैठ का प्रयास किया परंतु हमारे सतर्क जवानों ने उसे हर बार नाकाम बना दिया। यही नहीं ड्रोन या फिर घुसपैठ के दौरान भारी मात्रा में हथियार व मादक पदार्थ भी बरामद किए गए जिनमें चार एके47 राइफल, सात पिस्तौल, 50 किलो मादक हेरोइन आदि शामिल है।

इस बात की जानकारी आइजी बीएसएफ डीके बूरा ने आज बुधवार को जम्मू में पत्रकारों को दी। आइजी बीएसएफ ने सख्त लहजे में कहा कि सरहद पार पाकिस्तान में आतंकी ढांचा होने या न होने से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता, दुश्मन कोई भी हो, हम उसे मार गिराने में समर्थ हैं।सीमा सुरक्षा बल अच्छा काम कर रही है। पड़ोसी देश के कई प्रयासों के बावजूद सीमाओं को घटना मुक्त रखा है। दुश्मन पर नजर रखने का काम जवान ही नहीं सीमा से सटे गांवों के आम लोग भी करते हैं। हमारी कोशिश होती है कि सीमांत ग्रामीणों के साथ भी अच्छा तालमेल रहे ताकि संदिग्धों पर नजर रखने में ग्रामीण भी हमारी मदद करें। आइजी ने कहा कि जो किसान सीमा पर खेती कर रहे हैं, उनको भी हम पूरा प्रोत्साहन दे रहे हैं। इसी का नतीजा है कि जीरो लाइन पर खेती हो रही है। बीएसएफ किसानों को सुरक्षा मुहैया करवा रही है।

उन्होंने कहा कि ड्रोन हमारे लिए एक चैलेंज था लेकिन अब हमने उसका भी इलाज ढूंढ निकाला है। सीमा की सुरक्षा में तैनात बीएसएफ जवानों को आधुनिक हथियार मुहैया कराए गए हैं, जो ड्रोन को बड़ी आसानी से मार गिराने में सक्षम हैं। इन्हीं हथियारों की मदद से हमने जम्मू सीमा पर ड्रोन घुसपैठ को पूरी तरह से विफल बना दिया है। पिछले कुछ दिनों के दौरान पाकिस्तान ने ड्रोन की मदद से भारतीय सीमा में घुसपैठ का प्रयास किया परंतु बीएसएफ जवानों की कार्रवाई के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। यही नहीं ड्रोन की मदद से भारतीय सीमा में फेंके गए हथियार व नशीले पदार्थों की खेप को भी बरामद कर लिया गया।

पंजाब में बीएसएफ हर दूसरे तीसरे दिन ड्रोन को मार गिरा रही है। हम थ्रेट का सामना करने के लिए सजग हैं। जहां तक ड्रोन की घुसपैठ की संख्या का सवाल है, इसके बारे में कुछ नहीं कह सकता। लेकिन जम्मू में इस समस्या का समाधान काफी हद तक किया गया है। यह बीएसएफ, खुफिया एजेंसियों, जम्मू कश्मीर पुलिस व बार्डर जनसंख्या में बेहता समन्वय बनाकर की जा रही कार्रवाई का परिणाम मिला है।

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि ड्रोन से सामान फैंकने की गतिविधियों को पाकिस्तान सेना, खुफिया एजेंसियां शह दे रही हैं। उनकी मदद के बिना एेसा संभव नहीं है। समय-समय पर पाकिस्तान से हाेने वाली फ्लेग मीटिंगों में इस पर कड़ा एतराज जताया जाता है। अलबत्ता पाकिस्तान हमेशा मुकर जाता है। अाईजी ने बताया कि सीमा पार से आतंक को शह देने के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाए जाते हैं। हम उनकी योजनाएं को नाकाम बनाते हैं। विफल होने पर वे फिर नया कुछ करने की कोशिश करते हैं। उसी कड़ी में अब यह भी प्रयास है कि इस समय सीमा पार से आईडी भेजे जा रहे हैं। आतंकियों द्वारा आईडी लगाने की जितनी भी कोशिशें हुई हैं, उन सबको नाकाम किया गया है। इस साजिश से जुड़े लोगों को पकड़ लिया गया था।

आईजी ने बताया कि सीमा प्रहरियों ने सजगता से 192 किलोमीटर अंतर्राष्ट्रीय सीमा जारी वर्ष में इंसिडेंट फ्री रखा है। सीमा पार से कई कोशिशें की गई, जिन्हें नकारा गया।

वहीं प्रधानमंत्री दौरे से पहले जम्मू के सांबा से टनल से घुसपैठ कर आए आतंकियों के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि हम बेहतर समन्वय से दुश्मन की साजिशें नकार रहे हैं। इसी रणनीति के तहत सभी आतंकी मार गिराने के साथ आतंकियों द्वारा इस्तेमाल की गई सुरंग काे भी तलाश लिया था। उन्हाेंने बताया कि पाकिस्तान आतंक की फंडिंग करने के लिए नारको टेरेरिज्म का सहारा ले रहा है। इसी लिए नशीले पदार्थ भेजे जा रहे हैं।

Edited By: Rahul Sharma

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