यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Cloudburst In Doda : डोडा के गांव कहारा में बारिश का कहर, बादल फटने से कई रिहायशी मकान, दुकानें ध्वस्त व पुल बहा
Cloudburst In Doda बारिश के दौरान बादल फटने के बाद गांव में आई बाढ़ ने कई मकानों दुकानों को जहां ...और पढ़ें

डोडा, जेएनएन : जम्मू संभाग के जिला डोडा के पहाड़ी इलाके ठाठरी के गांव कहारा में बारिश कहर बनकर बरसी। बारिश के दौरान बादल फटने के बाद गांव में आई बाढ़ ने कई मकानों, दुकानों को जहां ध्वस्त कर दिया, वहीं टीआरसी कार्यालय में जाने वाले मुख्य पुल को भी बहाकर ले गई। हालांकि इस घटना में किसी की भी जान जाने की सूचना नहीं है। प्रशासन राहत कार्य में जुट गया है। नुकसान का भी आंकलन लगाया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार बादल फटने की यह घटना देर रात की है। बादल फटने के बाद अचानक से आई बाढ़ ने इलाके में हकर बरपाना शुरू कर दिया। यह तो गनिमत है कि लोग पहले से ही बारिश के उग्र रूप को देखकर सचेत हो गए थे। कहारा के चारवाह गांव में आई बाढ़ में लोगों की संपत्ति और जमीन का भारी नुकसान हुआ। बताया जा रहा है कि यहां सात आवासीय घर, तीन दुकानें, दो पानी से चलने वाला आटा चक्की (घराट), टीआरसी बिल्डिंग को जोड़ने वाला पुल और एक निजी स्कूल की इमारत बह गई। यही नहीं भारी बारिश और बादल फटने के कारण पहाड़ो से आए मलबे में मकानों के अलावा कई वाहन भी दब गए। हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
कहारा गांव के निवासी आसिफ इकबाल बट ने बताया कि लोगों को संपत्ति के साथ पशुधन का भी भारी नुकसान हुआ है। गांव में स्थित एक स्कूल की इमारत जमीन के साथ-साथ पूरी तरह से बह गई। इसके अलावा कई घरों और दुकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। बट ने बताया कि एक निजी स्कूल अल्लामा इकबाल मेमोरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस, फ्लोर मिल्स सहित कई इमारतें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि अब जमीन पर इन इमारतों का कोई निशान नहीं बचा।
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वह संबंधित विभागों को तुरंत मलवा हटाने के निर्देश दें। ताकि बाढ़ का कारण बनी कलनई नदी को बहने का सही रास्ता मिल सके। एक अन्य निवासी आबिद मलिक ने बताया कि बाढ़ के कारण कहारा-तांता, कहारा-जय और कहारा-भटोली सहित कई लिंक सड़कों को भी नुकसान हुआ है। बादल फटने से बड़े पैमाने पर फसलें, फलों के पेड़ों सहित बिजली-पानी के ढांचे भी नष्ट हो गए हैं।
वहीं भालेसा में भी बादल फटने और भारी बाढ़ ने तबाही मचाई है। यहां संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है जबकि कई ग्रामीणों के पशु भी पानी में बह गए हैं। इसके अलावा कहारा और भालेसा क्षेत्र के कई अन्य गांवों से भी भारी नुकसान की खबर है।
