जम्मू-कश्मीर में रह रहे बांग्लादेशियों का कैसे खुला राज? अब तक 300 की हुई पहचान; पुलिस को किस खतरे की थी आशंका?
जम्मू-कश्मीर पुलिस की प्रवासी श्रमिक पंजीकरण मुहिम ने 300 से अधिक अवैध बांग्लादेशी नागरिकों का खुलासा किया है। कश्मीर में ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में रह रहे 300 बांग्लादेशियों की हुई पहचान। फोटो एआई की मदद से बनाई गई है
HighLights
पुलिस की श्रमिक पंजीकरण मुहिम ने अवैध बांग्लादेशियों का खुलासा किया।
कश्मीर में 300 से अधिक बांग्लादेशी नागरिक पहचाने गए, 150 वापस भेजे।
विदेशी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई, जम्मू-कश्मीर में बड़ी मुहिम।
नवीन नवाज, जम्मू। आतंकियों के निशाने पर रहने वाले बाहरी राज्यों के श्रमिकों की सुरक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से शुरू की गई पंजीकरण मुहिम ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी का खुलासा किया है। श्रमिकों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में 300 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान हुई।
पुलिस ने इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है और अब तक 150 लोगों को वापस भेजा जा चुका है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर में अपनी तरह की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
पुलिस ने कश्मीर में काम करने वाले बाहरी राज्यों के श्रमिकों का रिकार्ड तैयार करने के साथ उनके पहचान पत्र, स्थायी पते और रोजगार से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन शुरू किया था। संबंधित सूत्रों ने बताया कि इसी प्रक्रिया के दौरान कुछ लोगों के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां सामने आईं। संदेह के आधार पर जांच की गई तो उनके बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई।
पकड़े गए लोगों को निर्धारित केंद्रों में रखा गया
इसके बाद संबंधित रिकार्ड और नागरिकता संबंधी जानकारी बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ साझा की गई। नागरिकता की पुष्टि होने पर विदेशी अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई। पकड़े गए लोगों को निर्धारित केंद्रों में रखा गया और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया अपनाई गई।
एक जत्थे को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से पश्चिम बंगाल के बागडोगरा पहुंचाया गया, जहां आवश्यक औपचारिकताओं के बाद उन्हें बांग्लादेशी अधिकारियों के हवाले किया गया। अधिकारियों के अनुसार, बुधवार सात अक्टूबर को 150 और बांग्लादेशी नागरिकों को बागडोगरा ले जाने की प्रक्रिया प्रस्तावित है।
कई राज्यों के श्रमिकों पर हमले हो चुके हैं
जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठन लंबे समय से बाहरी राज्यों से आए श्रमिकों को निशाना बनाते रहे हैं। पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के श्रमिकों पर हमले हो चुके हैं। इसके बाद पुलिस ने श्रमिक बस्तियों और कार्यस्थलों की निगरानी बढ़ाते हुए पंजीकरण व दस्तावेज सत्यापन तेज किया है।
संवेदनशील इलाकों में गश्त, नाकाबंदी और खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया है। मकान मालिकों, ठेकेदारों और नियोक्ताओं से श्रमिकों का विवरण मांगा जा रहा है। इस अभियान के दौरान पहचान छिपाकर रह रहे विदेशी नागरिकों की भी जांच हो रही है।
सुरक्षा एजेंसियां उनके पहुंचने के रास्तों और स्थानीय संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।यहां यह बताना भी असंगत नहीं होगा कि केंद्र की जनसांख्यिकीय बदलावों पर उच्च स्तरीय समिति ने भी कुछ समय पहले जम्मू-कश्मीर का दौरा किया है।
स्थानीय संगठनों ने समिति किे समक्ष जम्मू कश्मीर में अवैध बांगलादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। समिति ने जम्मू-कश्मीर में 504 बांग्लादेशी नागरिकों का रिकॉर्ड दर्ज किया, जिनमें 46 जम्मू और 458 कश्मीर में पाए गए।
