श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का तीन दिवसीय दौरा आज 23 अक्टूबर शनिवार से शुरू हो रहा है। शाह एकीकृत मुख्यालय की बैठक में जम्मू कश्मीर के सुरक्षा परि²श्य का जायजा लेने के अलावा पंचायत संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। वह दो मेडिकल कालेजों का नींव पत्थर रखने के साथी प्रधानमंत्री विकास कार्यक्रम के तहत जारी विकास योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे। शाह श्रीनगर से शारजाह के लिए पहली सीधी विमान सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। वह जम्मू में एक जनसभा को भी संबोधित करेंंगे।

गृहमंत्री के दौरे और कश्मीर के मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाने के लिए गृह मंत्रालय ने केंद्रीय अर्धसैनिकबल की अतिरिक्त 50 कंपनियां भेजने का फैसला किया है। 15 कंपनियां पहुंच गई हैं। इनमें से छह को श्रीनगर और उसके साथ सटे इलाकों में तैनात किया गया है। अन्य को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में भेजा गया है। 35 कंपनियां अगले कुछ दिनों में आ रही हैं। इसके अलावा कश्मीर में सुरक्षाबलों ने गैर मुस्लिमों और प्रवासी श्रमिकों की बस्तियों की ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी है। श्रीनगर में विभिन्न जगहों पर बंकर फिर से स्थापित किए जा रहे हैं। इस बीच, शनिवार से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के चलते पूरे कश्मीर में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। डल झील में भी पुलिस और सीआरपीएफ के वाटर विंग के जवान स्पीड बोट और किश्तियों में लगातार गश्त पर हैं।

गृहमंत्री अमित शाह आज सुबह 10 बजे विशेष विमान में श्रीनगर पहुंचेंगे। केंद्रीय गृहसचिव एके भल्ला समेत गृह मंत्रालय के उच्चाधिकारियो का एक दल, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी आ रहे हैं। श्रीनगर पहुंचने के बाद वह उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ बैठक के बाद जम्मू कश्मीर एकीकृत मुख्यालय की बैठक में भाग लेंगे। इसमें वह जम्मू कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा सभी सुरक्षा एजेंसियों के आलाधिकारियों संग जम्मू कश्मीर के समग्र सुरक्षा परि²श्य का जायजा लेते हुए आतंकरोधी अभियानों की समीक्षा करेंगे। यह बैठक शेर-ए- कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में ही होगी। शाह 25 अक्टूबर की दोपहर बाद श्रीनगर से दिल्ली लौटेंगे।

कश्मीर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आतंकियों के खिलाफ सैन्य अभियान में ड्रोन का इस्तेमाल बीते चार साल से हो रहा है, लेकिन गैर मुस्लिमों और प्रवासी श्रमिकों की बस्तियों में निगरानी के लिए पहली बार इन्हें लगाया गया है। प्रशासन ने इनका इस्तेमाल हाल ही में टारगेट किलिंग की घटनाओं के बाद शुरू किया है। करीब 20 ड्रोन श्रीनगर शहर के ही विभिन्न हिस्सों में उड़ाए जा रहे हैं।

बता दें कि कश्मीर में बीते 21 दिनों में आतंकियों ने 11 निर्दोष लोगों की हत्या की है। इनमें गैर मुस्लिम और प्रवासी श्रमिक भी हैं। सीआरपीएफ आपरेशन के डीआइजी मैथ्यू ए जान ने बताया कि ड्रोन का इस्तेमाल लोगों की सुरक्षा और विश्वास की भावना बनाए रखने में सहायक होगा। गली-बाजार में शरारती तत्वों की हरकतों पर नजर रखी जा सकेगी। श्रीनगर के प्रताप पार्क में शुक्रवार को ड्रोन का उड़ान परीक्षण भी किया गया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों के पास हर मौसम में क्रियाशील रहने वाले अत्याधुनिक ड्रोन हैं। यह सैकड़ों की भीड़ में भी छिपे संदिग्ध तत्व को चिह्नित कर रियल टाइम फुटेज नियंत्रण कक्ष में भेजेंंगे।

इन इलाकों में सबसे अधिक नजर : सीआरपीएफ के डीआइजी ने कहा कि ड्रोन उन इलाकों में नियमित तौर पर उड़ाए जा रहे हैं, जहां अल्पसंख्यक और प्रवासी श्रमिक ज्यादा तादाद में रहते हैं। इनमें लालचौक, डलगेट, निशात, महजूर नगर, रैनावारी, राजबाग, जवाहर नगर, हवल, छन्नपोरा और नौगाम शामिल हैं। इन इलाकों में रात्रिकालीन गश्त बढ़ाई गई है। कई जगह अस्थायी सुरक्षा चौकियां स्थापित की गई हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में अन्य शहरों में भी ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। इसके लिए पुलिस के साथ मिलकर विशेष अभियान चला रखा है।

2009 से 2018 के बीच हटाए थे 80 बंकर : कश्मीर में आम लोगों में सुरक्षा के लिए एक बार फिर से सुरक्षाबलों के बंकर स्थापित किए जाने लगे हैं। वर्ष 2009 से 2018 तक वादी के विभिन्न इलाकों से करीब 80 बंकर हटाए गए थे। इनमें से करीब 40 बंकर श्रीनगर शहर में ही थे। अब कुछ खास जगहों पर बंकर दोबारा स्थापित किए गए हैं। ऐसे ही दो बंकर बरजुला और उसके साथ सटे क्षेत्र में स्थापित किए गए हैं।

डल में नौकाविहार पर रोक : अधिकारियों ने बताया कि गृहमंत्री अमित शाह के श्रीनगर दौरे के दौरान आतंकी किसी भी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। इसलिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। डलगेट से निशात तक का इलाका सोमवार की शाम तक आम आवाजाही के लिए बंद रहेगा। डल झील में नेहरू पार्क से शालीमार बाग तक नौकाविहार पर पाबंदी रहेगी। सभी संवेदनशील जगहों पर पुलिस व अर्धसैनिकबलों के क्यूएटी (क्विक एक्शन टीम) और क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) भी तैनात है। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाते हुए शार्पशूटर भी तैनात किए गए हैं। 

Edited By: Rahul Sharma