जम्मू, जेएनएफ । कोरोना महामारी से उपजे हालात का स्वयं संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच ने जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की है। बेंच ने कहा है कि अगर कोरोना महामारी की तीसरी लहर आती है तो इसके लिए सरकार को पहले से ही तैयार होना चाहिए।

बेंच ने तीसरी लहर के लिए स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के साथ वैक्सीनेशन प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है। बेंच ने कहा है कि सरकार जम्मू-कश्मीर के हर निवासी की वैक्सीनेशन करने के लिए प्रभावी कदम उठाए और संस्थान स्तर पर मुहिम छेड़े ताकि अगर कोई रह गया है तो उसकी वैक्सीनेशन हो सके।

हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच में चीफ जस्टिस पंकज मिथल व जस्टिस विनोद चैटर्जी कौल ने कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर में ऑक्सीजन को लेकर भारी किल्लत का सामना करना पड़ा, लिहाजा सरकार अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की व्यवस्था करें ताकि अगर कोई तीसरी लहर आती है तो ऑक्सीजन की कोई कमी न आए। बेंच ने दूसरी लहर के दौरान सरकार की ओर से जो अस्थायी स्वास्थ्य ढांचा खड़ा किया गया है, उसे हटाया न जाए ताकि अगर भविष्य में जरूरत पड़ती है तो इनका इस्तेमाल हो सके।

सुनवाई के दौरान बेंच ने पाया कि कोरोना से मरने वालों के शव का पोस्टमार्टम न करवाए जाने की मांग को लेकर भी एक आवेदन दायर हुआ है जिसमें कहा गया है कि बिना पोस्टमार्टम किए शव को परिजनों के हवाले किया जाना चाहिए और मृतक का चेहरा भी नंगा रखा जाना चाहिए ताकि परिजन अंतिम दर्शन कर सके। इस पर सरकार की ओर से पेश हुए वकीलों ने स्पष्ट किया कि मृतक के शव के रखरखाव व संस्कार को लेकर गृह मंत्रालय की ओर से गाइडलाइंस जारी की गई है जिनका पालन किया जा रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य विभाग के वित्तीय आयुक्त अतुल डुल्लू की ओर से हल्फनामा दायर कर प्रदेश में कोरोना महामारी से निपटने के लिए किए गए प्रबंधों की विस्तृत जानकारी दी गई।

 

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