जागरण संवाददाता, जम्मू : म्यांमार से नाबालिग लड़कियों को बेचने के लिए जम्मू लाने वाले गिरोह के सदस्यों ने पूछताछ के दौरान सनसनीखेज खुलासा किया है कि वह शुक्रवार को नमाज के बाद नाबालिग लड़कियों को लेकर पहुंचते हैं, जहां उनके लिए ग्राहकों की तलाश की जाती है। जम्मू से कई नाबालिग लड़कियों को रामबन व किश्तवाड़ जैसे दूरदराज जिले में बेचा है।

पुलिस के हत्थे चढ़े गिरोह के सरगना नूर गुल अमीन पुत्र अकबर अली निवासी मलिक मार्केट, नरवाल ने पुलिस को बताया कि म्यांमार से नाबालिग लड़कियों को वे काम दिलाने के नाम पर भारत लाते हैं। उसके बाद उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में लेकर पहुंचते हैं। जम्मू मानव तस्करी के लिए रोहिंग्या की बड़ी मंडी बना हुआ है। मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने के कारण म्यांमार की मुस्लिम युवतियां अच्छे दाम में बिक जाती हैं। म्यांमार से नाबालिग लड़कियों को पहले देश की राजधानी दिल्ली में लाया जाता है। बाद में जम्मू तक पहुंचाया जाता है। लड़कियों को मात्र चालीस से पचास हजार रुपये में बेचा जाता है। इस मामले में पुलिस के हत्थे चढ़ी कश्मीर की महिला तोयबा गुलाम नबी ने पूछताछ के दौरान नाबालिग लड़कियों की तस्करी से जुड़ी कई अहम जानकारियां पुलिस को दी हैं। महिला के एक व्यक्ति का बच्चा है, जिस कारण से पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया है। अलबत्ता एहतियात के तौर पर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इस मामले फरार दो आरोपियों निवासी कश्मीर को हिरासत में लिया है। मोहम्मद अब्बास निवासी करेनी तालाब, नरवाल तथा मोहम्मद आयुब निवासी हैदराबाद को दबोचने के लिए पुलिस ने दिल्ली पुलिस की मदद ली है।

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पीडित लड़की को एनजीओ को सौंपा

जम्मू : आरोपियों के कब्जे से छुड़ाई गई म्यांमार की नाबालिग लड़की को पुलिस ने देखभाल के लिए समाज सेवी संगठन को सौंप दिया है। हालांकि सुरक्षा कारणों स एनजीओ का नाम नहीं बताया गया है।

Edited By: Jagran