शादी से मुकरने और 12 लाख रुपये लेने का आरोप, फिर सलीम को क्यों मिली जमानत? जानें जम्मू कोर्ट की अहम टिप्पणी
जम्मू की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई में कहा कि प्रेम संबंध टूटने और शादी न होने ...और पढ़ें

जम्मू फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कहा- ब्रेकअप का मतलब धोखाधड़ी नहीं। (फाइल फोटो)
HighLights
प्रेम संबंध टूटने मात्र से धोखाधड़ी नहीं मानी जा सकती।
जम्मू कोर्ट ने आरोपी सलीम खान को जमानत दी।
धोखाधड़ी के लिए शुरुआत से मंशा साबित होना जरूरी।
जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि प्रेम संबंध टूटने और शादी नहीं होने मात्र से उसे धोखाधड़ी का मामला नहीं माना जा सकता। अदालत ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और महिला से 12 लाख रुपये लेने के आरोपित 25 वर्षीय सलीम खान को जमानत दे दी।
आरोपित राजौरी जिले के थानामंडी क्षेत्र के मान्याल गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ पीर मिट्ठा पुलिस थाने में मामला दर्ज है। शिकायतकर्ता राजस्व विभाग में पटवारी है।
'शादी से मुकरा सलीम, पैसे लौटाने से भी किया इन्कार'
महिला ने आरोप लगाया था कि सलीम ने शादी का वादा कर उसके साथ संबंध बनाए और कारोबार शुरू करने के नाम पर 12 लाख रुपये लिए। बाद में उसने शादी से इन्कार कर दिया और पैसे लौटाने से भी मना कर दिया। महिला ने बदनाम करने की धमकी देने का आरोप भी लगाया था।
संबंध आपसी सहमति से बने थे, आरोपित ने दी सफाई
वहीं, आरोपित ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि दोनों के बीच कारोबारी साझेदारी को लेकर पैसों का विवाद है और उनके संबंध आपसी सहमति से बने थे।
₹30 हजार के जमानती मुचलके पर मिली जमानत
मामले की सुनवाई करते हुए पीठासीन अधिकारी अमरजीत सिंह लंगेह ने कहा कि दोनों के बीच वर्ष 2023 से संबंध थे। रिश्ता टूटने से अपने आप धोखाधड़ी साबित नहीं होती।
अदालत ने यह भी कहा कि किसी वित्तीय लेनदेन में शुरुआत से धोखाधड़ी की मंशा साबित होना जरूरी है। अदालत ने 30 हजार रुपये के जमानती और मुचलके पर आरोपित को जमानत देते हुए जांच में सहयोग करने और गवाहों को प्रभावित नहीं करने की शर्त लगाई।