श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। जम्मू-कश्मीर के बड़गाम में करीब 17 घंटे चला आतंकरोधी अभियान मंगलवार दोपहर को जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकी के मारे जाने के साथ ही समाप्त हो गया। इस अभियान में एक सुरक्षाकर्मी भी घायल हुआ है। मुठभेड़ में बच निकले आतंकियों की धरपकड़ के लिए सुरक्षाबलों ने सघन तलाशी अभियान चला रखा है। पुलिस ने सोमवार शाम करीब सात बजे एक विशेष सूचना के आधार पर सेना और सीआरपीएफ के जवानों के साथ मिलकर चरार-ए-शरीफ के नौवहल इलाके में छिपे आतंकियों को पकड़ने के लिए एक तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान एक जगह विशेष पर छिपे आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी। जवानों ने भी जवाबी फायर किया और मुठभेड़ शुरू हो गई।

इस दौरान एक सुरक्षाकर्मी आतंकियों द्वारा फेंके गए ग्रेनेड से निकले छर्रो से जख्मी हो गया। उसे उपचार के लिए सेना के 92 बेस अस्पताल में दाखिल कराया गया। अंधेरा होने पर सुरक्षाबलों ने घेराबंदी जारी रखते हुए अपने अभियान को स्थगित कर दिया था। मंगलवार सुबह सूरज की पहली किरण के साथ सुरक्षाबलों ने जैसे ही आगे बढ़ने का प्रयास किया, आतंकियों ने दोबारा फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की और करीब एक घंटे तक दोनों तरफ से रुक रुक कर गोलियां चलती रही। करीब बारह बजे आतंकियों की तरफ से फायरिंग बंद होने पर जवानों ने मुठभेड़स्थल की तलाशी ली तो उन्हें वहां गोलियों से छलनी एक आतंकी का शव मिला। बड़गाम के एसएसपी अमोद नागपुरे ने बताया कि एक आतंकी मारा गया है। वह जैश से जुड़ा हुआ था। फिलहाल, उसकी पहचान की पुष्टि की जा रही है। मुठभेड़स्थल से हथियारों का एक जखीरा भी मिला है। मारे गए आतंकियों के अन्य साथियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कुछ साथी चरार-ए-शरीफ और उसके साथ सटे इलाकों में सक्रिय हैं। हम जल्द ही उन्हें पकड़ लेंगे।

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