जागरण संवाददाता, जम्मू : वन विभाग ने अतिक्रमण विरोधी अभियान को जारी रखते हुए सिदड़ा के दवारा इलाके में दो सौ कनाल वन भूमि को कब्जे में लिया। इस वन भूमि पर काफी वर्षो से लोगों ने कब्जा जमा रखा था। वहां पर पक्के घरों का भी निर्माण कर रखा था।

इस वन भूमि को वन विभाग ने सिटी फॉरेस्ट की श्रेणी में रखा था। वन विभाग के आयुक्त सचिव एमके द्विवेदी व प्रिसिपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फारेस्ट डॉ. मोहित गेरा ने भी इस वन भूमि का कुछ दिन पहले दौरा किया था और यहां से अतिक्रमण हटाने के निर्देश अधिकारियों के दिए थे। शनिवार को डीएफओ अलोक मौर्य के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वहां से अतिक्रमण को हटाने का काम शुरू कर दिया। वन विभाग के साथ पुलिस बल भी मौजूद था और पुलिस की मौजूदगी में वहां पर वन विभाग के कर्मियों ने अतिक्रमण को हटाया। इस दौरान वहां पर बने दस पक्के मकानों को भी जेसीबी की मदद से गिराया गयाष इस दौरान लोगों ने विरोध भी जताया। लोगों का कहना था कि वन विभाग ने कार्रवाई से पहले उन्हें नोटिस जारी नहीं किया जबकि वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि लोगों को कई बार पहले भी अपना अतिक्रमण हटाने को कहा गया था लेकिन उन्होंने इस गंभीरता से नहीं लिया। वन विभाग की इस कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार शिव कुमार गुप्ता बतौर डयूटी मजिस्ट्रेट वहां मौजूद रहे ताकि मौके पर स्थिति को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाने के लिए जरूरी आदेश जारी किए जा सकें। दोबारा अतिक्रमण किया तो होगी सख्ती

डीएफओ जम्मू ने बताया कि यह क्षेत्र वन विभाग के कंपार्टमेंट 65 में आता है जो बाहु फॉरेस्ट ब्लॉक का हिस्सा है। अतिक्रमणकारियों के खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया जाएगा और उन्हें हिदायत भी दी गई है कि अगर दोबारा ऐसा किया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वन भूमि से कब्जा हटाने के बाद वहां हदबंदी का काम भी शुरू कर दिया गया है ताकि दोबारा अतिक्रमणकारी वहां कब्जा न जमा पाए।

Posted By: Jagran

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