विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 16, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फिल्म द कश्मीर फाइल्स के बाद खराब हुए हालात, ऐसी फिल्मों पर प्रतिबंध लगना चाहिए : डॉ फारूक अब्दुल्ला

By Rahul SharmaEdited By:
Published: Mon, 16 May 2022 01:31 PM (IST)Updated: Mon, 16 May 2022 01:42 PM (IST)

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के समक्ष जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था की स्थिति का मुद्दा उठाया। बतौर पीएजीडी अध्यक्ष के नाते उन्होंने कहा ...और पढ़ें

डॉ फारूक अब्दुल्ला पूर्व मंत्री अब्दुल सलाम देवा के बेटे की शोक संवेदना के लिए जिला अनंतनाग में हैं।
डॉ फारूक अब्दुल्ला पूर्व मंत्री अब्दुल सलाम देवा के बेटे की शोक संवेदना के लिए जिला अनंतनाग में हैं।

श्रीनगर, जेएनएन : कश्मीर के मौजूदा हालात पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से चर्चा करने के बाद आज सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद डॉ फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पीपुल्स एलांयस फार गुपकार डिक्लेरेशन के सदस्यों ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के समक्ष जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था की स्थिति का मुद्दा उठाया। बतौर पीएजीडी अध्यक्ष के नाते उन्होंने कहा कि फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' ने देश में नफरत को जन्म दिया है। ऐसी चीजों (फिल्मों) पर प्रतिबंध लगना चाहिए।

डॉ फारूक अब्दुल्ला अपनी पार्टी के पूर्व मंत्री अब्दुल सलाम देवा के बेटे की शोक संवेदना के लिए जिला अनंतनाग में हैं। उनके साथ दक्षिण कश्मीर के अध्यक्ष डॉ बशीर वीरी और जिला अध्यक्ष कुलगाम मजीद लारमी भी थे। इसी दौरान पत्रकारों से बात करते हुए डॉ फारूक अब्दुल्ला ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से हुई बातचीत की जानकारी देते हुए कहा कि कश्मीर के नेताओं को पीड़ितों के घर जाने से रोका जा रहा है। महबूबा मुफ्ती का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जब-जब वह पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करने के लिए घर से निकलना चाहती थीं, उन्हें नजरबंद कर दिया जाता है।

यह सही नहीं है। अगर दुख की इस घड़ी में भी हम लोग एक दूसरे के नजदीक नहीं जाएंगे तो इससे दुरियां बढ़ेंगी। उन्होंने द कश्मीर फाइल्स फिल्म को एक बार फिर बेबुनियाद बताते हुए कहा कि इससे देश भर में नफरत का संदेश गया है। कश्मीर के युवाओं में भी इस बात को लेकर खासा रोष है कि उनकी व्यक्तित्व को नुकसान पहुंचाया गया है। आज देश के विभिन्न राज्यों में जो मुस्लमानों पर जो जुल्म हो रहा है, उसने भी युवाओं में रोष बढ़ाने का काम किया है। ऐसी चीजों को बंद करना चाहिए।

उन्होंने उन मीडिया सेंटर को भी बंद करने पर जोर दिया, जिनकी वजह से समाज में यह नफरत का संदेश जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे में देरी देश हित में नहीं है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।