जम्मू, जेएनएन। जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी द्वारा प्रदेश में सलाहकार परिषद बनाने के कयासों के बीच नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष एवं सांसद फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की किसी राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं हो रही है। वह पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि नेशनल कांफ्रेंस तब तक किसी भी राजनीतिक गतिविधि को शुरू नहीं करेगी जब तक कि घाटी में सभी नेताओं को रिहा नहीं किया जाता।

डॉ फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि “मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता कि अल्ताफ बुखारी किसी सलाहकार परिषद का गठन कर रहे हैं या नहीं। आपको उनसे ही यह सवाल पूछना चाहिए। जहां तक नेशनल कांफ्रेंस का संबंध है, हम किसी भी राजनीतिक गतिविधि की शुरूआत तभी करेंगे, जब सभी राजनीतिक नेताओं को रिहा कर दिया जाएगा। तब तक हम कुछ नहीं कर सकते।

दरअसल कुछ दिनों से यह रिपोर्ट आ रही थी कि अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व वाली अपनी पार्टी (JKAP) जम्मू-कश्मीर में एक सलाहकार परिषद बनाने जा रही है। इन अटकलाें के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला गत सोमवार को नई दिल्ली पहुंच गए। इससे कयासों की लहर और तेज हो गई और सलाहकार परिषद के साथ नेशनल कांफ्रेंस का नाम भी जुड़ना शुरू हो गया। ऐसा बोले जाने लगा कि नेकां भी इसमें अपने विकल्पों को ढूंढ रही है।

आज इन अटकलों पर पूरी तरह विराम लगाते हुए डाॅ अब्दुल्ला ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है, कश्मीर में नजरबंद या फिर पीएसए के तहत हिरासत में लिए गए सभी राजनीतिज्ञों को रिहा नहीं किया जाता नेकां किसी राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा नहीं बनेगी। वहीं नेशनल कांफ्रेंस के सांसद मोहम्मद अकबर लोन ने भी फारूक अब्दुल्ला के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि कश्मीर में जब तक एक भी राजनीतिक नेता बंद है, वे राजनीतिक गतिविधियां शुरू नहीं करेंगे।

Posted By: Rahul Sharma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस