जम्मू, राज्य ब्यूरो। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के पार्टी की प्रधान और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ मुलाकात के मामले में मतभेद उभर कर सामने आ गए हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल के महबूबा से मुलाकात को लेकर जम्मू के नेताओं को विश्वास में नहीं लिया गया। मतभेद उस समय सामने आ गए जब पार्टी के महासचिव और पूर्व एमएलसी सुरेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर कुछ भूमाफिया ने बैठक में फैसला किया था।

पार्टी के महासचिव वेद महाजन के नेतृत्व में पीडीपी के प्रतिनिधिमंडल ने महबूबा मुफ्ती से मुलाकात के लिए श्रीनगर जाने की बात कही थी, लेकिन बाद में इसे स्थगित कर दिया गया।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात को इसलिए स्थगित कर दिया गया क्योंकि आपसी सहमति नहीं बनी। सुरेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि पार्टी में शुभ चिंतक नहीं है, इसलिए पार्टी का जम्मू में आधार खिसक रहा है। मुझे नहीं पता कि पीडीपी की बैठक कहां हुई और प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला कब लिया गया। वह दो बार श्रीनगर गए, लेकिन प्रशासन ने उन्हें महबूबा से मिलने की इजाजत नहीं दी।

पीडीपी, नेकां की तरह बी टीम नहीं है जो उसके पदचिन्हों पर चलेगी। अनुच्छेद 370 हटने के बाद हालात पर विचार विमर्श करने के लिए बैठक क्यों नहीं बुलाई गई। उन्होंने मुलाकात के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस समय जम्मू में त्योहारों का समय है। जिन्होंने यह फैसला लिया था, वे लोग पार्टी को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। उन्हें पार्टी प्रधान से मिलने के लिए कौन रोक रहा था। वे बुनियादी तौर पर प्रशासन से अपनी कमजोरियों के कारण डरे हुए थे।

कश्मीरियों की जिंदगी से भी बड़े हैं आरे कॉलोनी के पेड़ : इल्तिजा

 जानकारी के अनुसार उधर, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्षा और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई पर सर्वाेच्च न्यायालय की रोक के बहाने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा है कि कश्मीरियों की जिंदगी से भी बड़े हैं आरे कॉलोनी के पेड़।

महबूबा की यह प्रतिक्रिया उनकी पुत्री इल्तिजा मुफ्ती ने उनके ट्वीटर हैंडल पर व्यक्त की है। इल्तिजा ही अपनी मां का ट्वीटर हैंडल संचालित कर रही हैं। महबूबा को अनुच्छेद 370 हटने के बाद राज्य सरकार ने एहतियातन हिरासत में रखा हुआ है। मुंबई मेट्रो के लिए मुंबई की एक अदालत ने आरे कॉलोनी में अढ़ाई हजार से ज्यादा पेड़ों की कटाई का फैसला लिया था। इस फैसले के खिलाफ लोगों ने सर्वाेच्च न्यायालय में याचिका दायर की और पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी गई।

सर्वाेच्च न्यायालय के इसी फैसले के बाद महबूबा मुफ्ती की तरफ से उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने कश्मीर में संचार व इंटरनेट सेवाओं पर रोक और अन्य प्रशासनिक पाबंदियों को लेकर केंद्र पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट किया है मैं खुश हूं कि आरे में आंदोलनकारी पेड़ों की कटवाई रुकवाने में सफल रहे हैं। आश्चर्य की बात है कि आखिर कश्मीरियों को ऐसी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता क्यों नहीं है।

Posted By: Preeti jha

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