जम्मू, जागरण संवाददाता। ‘क्या कसूर था उसका। सबको संभालते-संभालते भगवान उसे संभाल कर ले गया। क्यों मारा उसे, क्या बिगाड़ा था उसने किसी का। उसने कभी किसी का बुरा नहीं किया। सरकार का पैसा नहीं खाया। हम लोग बोलते थे सब के घर के बाहर गाड़ियां खड़ी रहती है, तू घर पर एक भी गाड़ी भी नहीं रखता। वह कहता था सरकार का पैसा है ऐसा नहीं होता। मुझे नहीं पता किसने मारा था, मैं कल ही पहुंची हूं। 10-15 दिन पहले फोन पर बात हुई थी। अंतिम बार 10 जनवरी को शादी समारोह के दौरान मुलाकात हुई थी लेकिन क्या पता था दोबारा कभी मुलाकात नहीं होगी’, यह शब्द पुलिस महानिदेशक जेल हेमंत लोहिया की मां परमेश्वरी लोहिया के हैं, जो अपने बेटे को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंची थी।

परमेश्वरी देवी की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। उनका कहना था कि हेमंत परिवार का स्तंभ था। किसी को भी किसी भी चीज की जरूरत होती थी तो वह सब की जरूरत को पूरा करता था। परिवार के बड़े सदस्य तो क्या बच्चे भी अपनी मांगे उनके सामने हीं रखते थे और उन्होंने कभी किसी को निराश नहीं किया था। हेमंत बहुत ईमानदार था और उसने अपने बच्चों को भी ईमानदारी की शिक्षा दी है। बेटे की हत्या किसने की और क्यों की? उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता। वह बीते मंगलवार को ही जम्मू पहुंची है।

वहीं, इस बीच जम्मू के जोगी गेट श्मशान घाट पर दोपहर तीन बजे के करीब लोहिया के शव का अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें मुखाग्नि उनके बेटे अनिकेत लोहिया ने दी। इस दौरान श्मशान घाट में मौजूद सभी लोगों की आंखे नम थीं। हेमंत के साथियों का कहना है कि वह सबकी मदद करने के लिए हमेशा ही तैयार रहते थे। इस दौरान जम्मू कश्मीर पुलिस की ओर से उन्हें अंतिम बार गार्ड आफ हानर भी किया गया और जवानों ने हथियार झुका कर उन्हें अंतिम विदाई दी।

कईं और नौकरशाहों के घर पर काम कर चुका है यासिर

डीजी जेल हेमंत लोहिया के घर पर बीते छह माह से काम कर रहा यासिर उनके घर पर काम करने से पूर्व कुछ और नौकरशाहों के घर पर काम कर चुका है। लोहिया ने उसे तभी अपने साथ रखा था कि उसे घर का काम विशेषकर खाना बनाने में महारत हासिल थी। कुछ ही महीनों में यासिर परिवार का विश्वास जीतने में कामयाब हो गया कि लोहिया अपने दोस्त के घर रहने के लिए गए तो उसे अपने साथ ही लेकर गए थे।

दोस्त के घर से निकली लोहिया की अंतिम यात्रा

शहर के बाहरी क्षेत्र उदयवाला में जिस दोस्त के घर पर पुलिस महानिदेशक जेल हेमंत लोहिया की हत्या की गई थी से ही उनकी अंतिम यात्रा निकाला गई। जीएमसी अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद बुधवार सुबह 11:30 बजे के करीब हेमंत लोहिया के शव को जीएमसी अस्पताल से पुलिस वाहन जिसे लोहिया की अंतिम यात्रा के लिए फूलों से सजाया गया था में उदयवाला उनके दोस्त राजीव खजुरिया के आवास पर ले जाया गया। घर पर लोहिया का पूरा परिवार उनकी पत्नी बेटा, बेटी, माता, दो भाई, भाभी के अलावा करीबी सदस्य मौजूद थे। जैसे ही उनका शव घर पर पहुंचा तो वहां मातम छा गया। पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी वहां मौजूद रहे। घर पर अंतिम दर्शन करने के बाद विशेष वाहन में शव को जिला पुलिस लाइन में माल्यार्पण समारोह के लिए ले जाया गया। हेमंत लोहिया के सरकारी आवास जो जम्मू के गांधी नगर में है इन दिनों मरम्मत कार्य चल रहा है, इसी के चलते लोहिया अपनी पत्नी के साथ दोस्त के घर पर रह रहे थे।  

Edited By: Vikas Abrol

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