संवाद सहयोगी, सांबा : बुधवार को 21 और 23 वर्ष के दो युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसमें से एक युवक का शव देवक नदी के किनारे मिला था, जहां से खाली इंजेक्शन भी बरामद किए गए। दोनों युवक दोस्त थे। ऐसा बताया जा रहा है कि दोनों मादक पदार्थ चिट्टे का सेवन करते थे। चिट्टे की ज्यादा मात्रा लेने से उनकी मौत हो गई। शुक्रवार को लोगों ने नशे से दो युवकों की मौत होने पर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर रोष जताया।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सरपंच रविदर सिंह ने बताया कि बुधवार को सांबा में जिन दो युवकों की मौत हुई, उन्होंने चिट्टे की अधिक मात्रा का सेवन किया था। पुलिस को शव के पास से खाली इंजेक्शन भी मिले हैं, जिससे साफ है कि उन्होंने नशे की ज्यादा मात्रा ली थी। उन्होंने कहा कि सांबा में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई लोगों की नशे की ओवरडोज से मौत हो चुकी है। सरपंच ने कहा कि आखिर ये युवा नशा कहां से पा रहे हैं। इस बारे में पुलिस को क्यों नहीं पता चल पाता है। कई इलाकों में सरेआम चल रहा नशे का धंधा, पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई

सरपंच रविदर सिंह ने कहा कि पुलिस से सांबा जिले में फैले नशे के जाल को खत्म करने की मांग की। उनका कहना था कि अब इस धंधे में दूसरे राज्यों के तस्कर भी शामिल हो गए हैं। कई श्रमिकों ने भी नशा तस्करी शुरू कर दी है। उन्होंने गुज्जर समुदाय के कुछ लोग द्वारा चक मंगा गुज्जरां गांव में नशे का धंधा चलाने का भी आरोप लगाया। सरपंच ने कहा कि पुलिस को तुरंत वहां कार्रवाई करनी चाहिए। इसके साथ ही सरोर गांव में पहले भी कई मामले आ चुके हैं, लेकिन यहां भी पुलिस ने अब तक कोई बड़ा अभियान नहीं चलाया है। ऐसे में नशा तस्कर धड़ल्ले से नशे का कारोबार चला रहे हैं। कई बार स्थानीय लोगों ने इसको लेकर पुलिस से शिकायत भी की, लेकिन फिर भी कुछ नहीं किया गया। प्रदर्शन में शामिल स्थानीय युवक राजन कुमार ने कहा कि युवकों को नशा तस्कर अपने जाल में फंसाकर उनका जीवन बर्बाद कर रहे हैं। पुलिस को सब कुछ मालुम है, लेकिन वह कुछ नहीं कर रही है। पुलिस यदि ठान ले तो यह संभव ही नहीं है कि नशा तस्कर उनसे बच पाएंगे।

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