जम्मू-कश्मीर में दरबार मूव शुरू, CM उमर ने ली गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी; अब 6 माह तक जम्मू से चलेगी सरकार
जम्मू-कश्मीर में वार्षिक दरबार मूव परंपरा के तहत शीतकालीन सचिवालय ने जम्मू में कामकाज शुरू कर दिया है, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गार्ड ऑफ ऑनर लिया।
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जम्मू में शुरू हुआ शीतकालीन सचिवालय का कामकाज, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ली सलामी; दरबार मूव बहाल।
HighLights
शीतकालीन सचिवालय ने जम्मू में औपचारिक रूप से कामकाज शुरू किया
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सिविल सचिवालय में गार्ड ऑफ ऑनर लिया
100 से अधिक सरकारी कार्यालय श्रीनगर से जम्मू स्थानांतरित हुए
जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में वार्षिक दरबार मूव की परंपरा के तहत सोमवार को जम्मू में शीतकालीन सचिवालय ने औपचारिक रूप से कामकाज शुरू कर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू स्थित सिविल सचिवालय में गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 के शीतकालीन सत्र के लिए सरकारी कामकाज की शुरुआत हो गई।
दरबार मूव के तहत सरकार का प्रशासनिक ढांचा अगले छह माह तक जम्मू से संचालित होगा। इस दौरान जम्मू केंद्र शासित प्रदेश की शीतकालीन राजधानी के रूप में प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र रहेगा।
मौसम के आधार पर सचिवालय जिसे दरबार मूवी कहते हैं को श्रीनगर से जम्मू स्थानांतरित करने की व्यवस्था के तहत के तहत 100 से अधिक सरकारी कार्यालय श्रीनगर से जम्मू स्थानांतरित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री सचिवालय सहित 40 अन्य सरकारी कार्यालयों ने अपना पूरा कामकाज जम्मू में स्थानांतरित कर दिया है। इसके अलावा करीब 50 विभागों और कार्यालयों को कैंप कार्यालय व्यवस्था के तहत रखा गया है, ताकि सर्दियों के दौरान प्रशासनिक समन्वय और आम जनता की सुविधाओं में कोई बाधा न आए।
निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार, कैंप कार्यालयों में स्वीकृत कर्मचारियों की कुल संख्या का 33 प्रतिशत स्टाफ अथवा अधिकतम 10 अधिकारी तैनात रहेंगे। इन दोनों में से जो संख्या कम होगी, उसी के अनुसार कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। हालांकि, सक्षम अधिकारियों की ओर से विशेष छूट या अलग निर्देश जारी किए जाने पर यह व्यवस्था अलग हो सकती है।
प्रशासनिक कामकाज शुरू होने के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला मंत्रिपरिषद के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कर विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा कर सकते हैं। इस दौरान सरकारी योजनाओं की प्रगति, आम जनता को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री सर्दियों के दौरान प्रशासनिक तैयारियों का भी जायजा लेंगे। इसके साथ ही सरकारी नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
वहीं, जम्मू स्थित सिविल सचिवालय और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों का कामकाज सुचारू बनाए रखना तथा अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों की आवाजाही को सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाना है।
गौरतलब है कि दरबार मूव जम्मू-कश्मीर की करीब 150 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक प्रशासनिक परंपरा है। इस व्यवस्था के तहत मौसम के अनुसार सरकार अपना मुख्यालय श्रीनगर और जम्मू के बीच स्थानांतरित करती रही है, ताकि दोनों क्षेत्रों से प्रशासनिक कामकाज सुचारू रूप से चलाया जा सके। वर्ष 2021 में इस परंपरा को बंद कर दिया गया था, लेकिन नवंबर 2025 में निर्वाचित सरकार ने इसे दोबारा बहाल कर दिया।
ताजा बदलाव के साथ ही जम्मू ने एक बार फिर शीतकालीन प्रशासनिक मुख्यालय की भूमिका संभाल ली है। वहीं, अगले मौसमी बदलाव के दौरान श्रीनगर में ग्रीष्मकालीन सचिवालय की व्यवस्था फिर से शुरू होगी।
दरबार मूव की शुरुआत से जम्मू में प्रशासनिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। अगले छह माह तक विभिन्न सरकारी विभागों, अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी से जम्मू में सरकारी कामकाज के साथ-साथ स्थानीय गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
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